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Bihar National Park and wildlife Sanctuary | Bihar GK

Bihar National Park and Wildlife Sanctuary

 दोस्तों  इस पोस्ट में हम बिहार के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान पक्षी विहार और वन्य जीव अभ्यारण के बारे में जानेंगे जो बिहार (Bihar National Park and wildlife Sanctuary) के सभी आगामी एग्जाम के लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगे यह प्रश्न आने वाले एग्जाम जैसे बिहार दरोगा, बिहार एसआई ,और बीपीएससी की परीक्षा दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है तो इस पोस्ट में हम बिहार के प्रमुख वन्य जीव अभ्यारण और राष्ट्रीय उद्यानों का अध्ययन करेंगे।

 भारत का पूर्वी राज्य बिहार मध्य बहती गंगा उपजाऊ जमीन कला संस्कृति और अपने गौरवशाली इतिहास के लिए प्रसिद्ध है प्राचीन काल में बिहार वैदिक और व्यवहारिक शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता था समय के साथ-साथ यहां कई राजा सम्राट ने राज्य किया और बिहारियों को ऐतिहासिक तौर पर मजबूत बनाने का काम किया। 

इसी क्रम में आज हमारे साथ जानिए विहार स्थित वन चुनिंदा राष्ट्रीय उद्यानों के बारे में जो अपने वन्यजीव और प्राकृतिक सौंदर्यता के लिए प्रसिद्ध है  :-

बिहारके प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभ्यारण (Bihar National Park and wildlife Sanctuary)

संजय गांधी जैविक उद्यान- पटना

  • यह उद्यान केंद्रीय प्राणी उद्यान प्राधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त है
  • गेंडा प्रजनन की दृष्टि से यह उद्यान देश में प्रथम स्थान रखता है
  • इसमें 11 कमरों का एक सांप घर भी है जो आकर्षण का केंद्र माना जाता है
  • पटना में स्थित इस उद्यान में विभिन्न प्रकार के पशु पक्षी एवं वनस्पतियों को संरक्षित करके रखा गया है

 राजगीर अभ्यारण नालंदा

  • बिहार के नालंदा जिले में स्थित राजकीय वन्य जीव अभ्यारण 1978 में स्थापित किया गया था
  •  यह लगभग 13.83 वर्ग मील में फैला है
  •  यह वन्य जीव अभ्यारण विभिन्न प्रकार की औषधीय पौधों और जीव जंतुओं से भरा है
  •  उष्णकटिबंधीय पर्णपाती जंगलों से  गिरा यह है अभ्यारण वर्ष भर खुला रहता है

वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान पश्चिमी चंपारण

  • पश्चिमी चंपारण के बाल्मीकि नगर में स्थित वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान नामक अभ्यारण को दूसरी बाघ परियोजना के नाम से जाना जाता है
  •  480 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभ्यारण में 2008 में हुई गणना के मुताबिक बाघों की संख्या  केवल 7 है
  • 2002 में इस राज्य में कुल 54 बाघ थे जिनमें 33 इसी राष्ट्रीय उद्यान मैं थे
  •  2005 में यहां 35 बाघ होने की सूचना थी

 

 नाली डेम अभ्यारण– पश्चिमी चंपारण

 

 कावर पक्षी बिहार बेगूसराय

  • बेगूसराय में कावर झील में स्थित इस बिहार को सन 1989 में पक्षी विहार के रूप में मान्यता मिली थी
  •  63.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस पक्षी विहार में रूस मंगोलिया और साइबेरिया से हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके लाखों की संख्या में  पक्षी पहुंचते हैं
  • यहां कुछ दुर्लभ किस्म की पक्षी चीन हिमालय की ऊपरी भाग और श्रीलंका से भी आते हैं 
  • (इसे अंतरराष्ट्रीय वेटलैंड के रूप में मान्यता प्राप्त है और यहां रूस मंगोलिया साइबेरिया आदि देशों से प्रवासी पक्षी हर साल आते हैं)

 

कुशेश्वर पक्षी बिहारदरभंगा

  • दरभंगा जिला के कुशेश्वर स्थान के पास 29.23 वर्ग किलोमीटर में फैले इस पक्षी विहार को उत्तर भारत का सबसे बड़ा पक्षी विहार माना जाता है
  •  यहां साइबेरियाई पक्षी अक्टूबर के महीने में आते हैं

 सुफियान पक्षी विहार भोजपुर

 

 कैमूर वन्य पक्षी आश्रयणीरोहतास

 

 पंत अभ्यारणनालंदा

 

 भीम बांध आश्रयणी-मुंगेर

  • मुंगेर जिले में स्थित इस अभ्यारण की स्थापना 1976 में की गई थी
  •  इस अभ्यारण में तेंदुआ भालू सांभर जंगली सूअर भेड़िया लंगूर बंदर नीलगाय मगरमच्छ और सांप जैसे जीव पाए जाते हैं
  •  यह 631.99 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है

 नागी डैमजमुई

  •  जमुई जिले में स्थित इस पक्षी विहार को 1987 में पश्चिम विहार के रूप में मान्यता मिली थी
  •  यह 7.91 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है

 

 नटकी डैम पक्षी बिहार जमुई

  • जमुई जिले में स्थापित इस पक्षी बिहार का क्षेत्रफल 3.32 वर्ग किलोमीटर है
  •  इसे एक पक्षी विहार के रूप में 1987 में मान्यता मिली 
  • (भारत में पहला गेनर्जेटिक डॉल्फिन अभ्यारण है)

परमार डॉल्फिन अभ्यारणअररिया

  •  अररिया में स्थित इस अभ्यारण की खोज सन 1995 में सूदन सहाय नामक व्यक्ति ने की थी
  •  परमान नदी के ऊपरी भाग में 15 डॉल्फिन मछलियां पाई गई थी

 

 हरिया बड़ा हिरण पार्कअररिया

  •  बक्सर पक्षी विहार- बक्सर 
  • 25 वर्ग किलोमीटर में बैलेंस पक्षी विहार में अक्टूबर महीने में लालता नामक पक्षी कश्मीर से यहां प्रवास पर आते हैं और मार्च में पुनः कश्मीर की वादियों में लौट जाते हैं
  • (लालसर पक्षी के लिए प्रसिद्ध है) 

 

 गौतम बुद्ध अभयारण्य – गया

  • इस अभ्यारण की स्थापना 1976 में गया में की गई थी
  •  यह 25.83 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है
  •  इसमें सीता सांभर तेंदुआ हिरण और चीतल पाए जाते हैं

 

विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभ्यारण भागलपुर

  •  इस अभ्यारण को 1990 में डॉल्फिन अभ्यारण के रूप में मान्यता प्रदान की गई थी
  •  भागलपुर जिले में स्थित किया अभ्यारण 50 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है
  •  इसमें बड़ी संख्या में गैंग टिक डॉल पर निवास करती हैं

 

गोगा बिल पक्षी विहारकटिहार

  •  217.99 एकड़ में फैला यह पक्षी बिहार कटिहार जिले में स्थित है
  •  1990 ईस्वी में इसे पक्षी विहार के रूप में मान्यता मिली इसमें धनुष आकार झील है जिसका नाम गोगा बिल है

दोस्तों इस पोस्ट में हमने बिहार की प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव अभ्यारण (Bihar National Park and wildlife Sanctuary)के बारे में अध्ययन किया जो आपकी परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है यदि आप ऐसे ही बिहार के प्रमुख तत्वों का अध्ययन करना चाहते हैं तो हमारी वेबसाइट पर विजिट करते रहे।

 वैसे तो बिहार में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है जहां हम घूम सकते हैं अगर आप चिड़ियों की चहचहाहट और जंगल में जानवरों को देखना चाहते हैं तो इन वन्य जीव अभ्यारण में जरूर जाएं।

 

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