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Hindi Shikshan ki Mahatvpurn Paribhasha for CTET 2020

Hindi Shikshan Important Definition for CTET 2020

नमस्कार! दोस्तों इस Study safar .com में आप सभी का स्वागत है। आज के इस आर्टिकल में हम (Hindi Shikshan ki Mahatvpurn Paribhasha for CTET 2020)

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आपके साथ हिंदी शिक्षण शास्त्र की कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाएं शेयर कर रहे हैं।  जो कि अलग-अलग वैज्ञानिकों ने अलग अलग अपनी परिभाषाएं दी हैं ,उन सभी परिभाषाओं को हमने एक साथ आपकी परीक्षा की दृष्टि से एक साथ शेयर किया हिंदी शिक्षण शास्त्र से संबंधित परिभाषाएं सभी टीचिंग एग्जाम में अवश्य ही पूछी जाती हैं अतः यह परिभाषाएं आपकी परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत ही महत्वपूर्ण होंगी। 

हिंदी  शिक्षण की महत्वपूर्ण परिभाषाएं (Hindi Shikshan ki Mahatvpurn Paribhasha for CTET 2020)

  • प्लेटो के अनुसार – “विचार आत्मा की मुखिया आध्यात्मिक बातचीत है पर वही जब ध्यानात्मक होकर फोटो पर प्रकट होती है इसे भाषा की संज्ञा देते हैं। “
  • महात्मा गांधी के अनुसार- “हस्तलिपि का खराब होना अधूरी पढ़ाई की निशानी है। “
  • पतंजलि के अनुसार –“भाषा वह व्यापार है जिसमें हम वर्णनात्मक या व्यक्त शब्द द्वारा अपने विचारों को प्रकट करते हैं। “
  • कामता प्रसाद गुरु के अनुसार-  “भाषा वह  साधन है जिसके द्वारा मनुष्य अपने विचारों को दूसरों तक भली-भांति प्रगट कर सकता है। “
  • सीताराम चतुर्वेदी के अनुसार- “भाषा के अभाव से  सारा संसार  गूंगो  की विराट बस्ती बनने से बच गया। “
  • सुमित्रानंदन पंत के अनुसार- “भाषा संसार का नादमय चित्रण है।,” “ध्वनि स्वरूप है”, “ह्रदय तंत्र की छनकार है”
  • कीटसन अनुसार- “किसी भाषा के पढ़ने और लिखने की अपेक्षा बोलना सीखना सबसे छोटी पगडंडी को पार करना है। ” 
  • देवेंद्र शर्मा के अनुसार- “भाषा की न्यूनतम  पूर्ण सार्थक इकाई वाक्य ही है। “
  • महात्मा गांधी के अनुसार-  “सुलेख व्यक्ति की शिक्षा का एक आवश्यक पहलू है।
  • चोम्स्की के अनुसार- “बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात योग्यता है। “
  • वाइगोस्की के अनुसार “बच्चे अपने सामाजिक सांस्कृतिक परिवेश अर्थ ग्रहण करते हैं। “
  • पियाजे के अनुसार- “अहम केंद्रित भाषा की संकल्पना किसके साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ी है। “
  • बेलॉर्ड के अनुसार- “पहला और अंतिम वाक्य कंठस्थ कर लेना चाहिए।  पहले वाक्य से आत्मविश्वास आता है और  अंतिम से श्रोताओं पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। “
  • विश्वनाथ के अनुसार- “रसात्मक वाक्य को कविता कहते हैं। “
  • स्वीट  के अनुसार –1.”ध्वन्यात्मक शब्द द्वारा विचारों का प्रगति करण भाषा है।  2. “व्याकरण भाषा का व्यवहारिक विश्लेषण है
  • कलराज के अनुसार- “मातृभाषा मनुष्य के हृदय की धड़कन की भाषा है। “
  • “सब पढ़े सब बढ़े नारा दिया गया है- सर्व शिक्षा अभियान

  

 

 

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