TET Exams Notes

MPTET Grade 3 Vyaktitva Mapan ki Vidhiyan

Vyaktitva Mapan ki vidhiyan For MP TET Grade 3 || व्यक्तित्व मापन की विधियां 

नमस्कार! दोस्तों Study safar.com सभी का स्वागत है। आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे (MPTET Grade 3 Vyaktitva Mapan ki Vidhiyan) व्यक्तित्व मापन की विधियां जो कि बाल विकास और शिक्षाशास्त्र का एक महत्वपूर्ण टॉपिक है यह टॉपिक सभी शिक्षक भर्ती परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं इस आर्टिकल में हमने व्यक्तित्व मापन की सभी विधियों को विस्तार पूर्वक वर्णन किया है।  इसकी तीन प्रमुख विधियां वस्तुनिष्ठ विधि, आत्म निष्ठ विधि और प्रक्षेपी विधि को हमने सरलता पूर्वक समझाया है जिन के अध्ययन से आपको इनसे संबंधित प्रश्नों को हल करने में मदद मिलेगी। 

Advertisement

Personality Testing Methods|| व्यक्तित्व परीक्षण की विधियां 

व्यक्तित्व परीक्षण की विधियों को तीन भागों में बांटा गया है जिस प्रकार हैं-

  1. आत्म निष्ठ विधि (Subjective method)
  2. वस्तुनिष्ठ विधि (Objective method)
  3. प्रक्षेपी विधि (Projective method)

1.आत्म निष्ठ विधि (Subjective method)

  • जीवन इतिहास विधि (Case history method)
  • प्रश्नावली विधि (Questionnaire method)
  • साक्षात्कार विधि (Interview method)
  • आत्मकथा लेखन विधि (Autobiography method)

2.वस्तुनिष्ठ विधि (Objective method)

  • नियंत्रित निरीक्षण विधि (Control observation method)
  • मापन रेखा विधि (Rating scale method)
  • समाज मीठी विधि (Social metric method)
  • शारीरिक परीक्षण विधि (Physicological test method)

3.प्रक्षेपी विधि (Projective method)

  • प्रासंगिक अंतर बोध परीक्षण (parametric application test T.A.T)
  • बालसम प्रत्यक्ष परीक्षण (children application test C.A.T)
  • रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण (Roarchah ink volt test R.I.T)
  • कहानी पूर्ति परीक्षण (story completion test S.A.T) 




आत्म निष्ठ विधियां

इस विधि में व्यक्तित्व जांच स्वयं परीक्षक द्वारा की जाती है व्यक्तित्व परीक्षण की प्रमुख आत्म निष्ठ विधियां निम्नलिखित हैं-

1.जीवन इतिहास विधि (Case history method)

इस विधि में व्यक्ति से संबंधित उसके शारीरिक स्वास्थ्य शारीरिक विशेषताएं सामाजिक संबंध में एवं उसके परिवार के इतिहास का अध्ययन करके सूचना एकत्रित की जाती है इस विधि का प्रयोग प्रायः मनोवैज्ञानिक रोगों के उपचार हेतु किया जाता है। 

2.प्रश्नावली विधि (Questionnaire method)

इस विधि में कागज पर छपे हुए कथनों या प्रश्नों की सूची होती है जिनके उत्तर हां या नहीं अथवा लिखकर देने पड़ते हैं इन प्रश्नों के उत्तरों की सहायता से व्यक्तित्व मापन किया जाता है सबसे अधिक सरकारी नौकरियों के चुनाव में इसका उपयोग करते हैं। 

3.साक्षात्कार विधि (Interview method)

Interviwe Method

इस विधि में परीक्षा परीक्षार्थी से कुछ प्रश्नों द्वारा आवश्यक सूचनाएं प्राप्त करता है जो कि व्यक्ति के व्यक्तित्व सम विशेषताओं को समझने में सहायक होती है । 

4.आत्म लेखन विधि (Autobiography method)

इस विधि में परीक्षक परीक्षार्थी को व्यक्तित्व से संबंधित एक शीर्षक देता है और उसी से संबंधित अपना व्यक्तिगत इतिहास लिखने को कहता है। 

वस्तुनिष्ठ विधियां

इस विधि में व्यक्ति की वाह आचरण का अध्ययन किया जाता है व्यक्तित्व मापन की वस्तुनिष्ठ विधियां निम्नांकित हैं। 

1.नियंत्रित निरीक्षण विधि (Control observation method)

इस विधि का प्रयोग मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला की नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाता हैइसने परीक्षक व्यक्ति की विभिन्न क्रियाओं एवं आचरण व्यवहार का अध्ययन करके व्यक्तित्व का मापन करता है। 

2.मापन रेखा विधि (Rating scale method)

इस स्थिति में व्यक्तित्व संबंधी गुणों का मापन एवं मूल्यांकन स्वयं व्यक्ति से या उसके संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों से करवाया जाता है। 

3.समाजमिति विधि (Social metric method)

इस विधि द्वारा व्यक्तित्व का मापन केवल व्यक्ति के सामाजिक गुणों के आधार पर किया जाता है। 

4.शारीरिक परीक्षण विधि (Physicological test method)

इस विधि में विभिन्न यंत्रों की सहायता से व्यक्ति विशेष के शारीरिक लक्षणों का अध्ययन करके उसके व्यक्तित्व का मापन किया जाता है। 

प्रक्षेपी विधियां

इस विधि में परीक्षार्थी के सामने ऐसी उत्तेजक परिस्थिति प्रस्तुत की जाती है जिसमें वह अपने अचेतन मन में एकत्र हुई बातों को प्रकट करता है। 

1.प्रासंगिक अंतर बौद्ध परीक्षण (parametric application test T.A.T)

इस परीक्षण का निर्माण प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक मोरगन व मोरे ने 1935 में किया था इसे कथानक वह परीक्षण भी कहते हैं इस परीक्षण में 30 कार्ड का प्रयोग किया जाता है सभी कार्ड पुरुषों और स्त्रियों के होते हैं जिनमें 10 कार्ड पुरुषों के लिए 10 कार्ड महिलाओं के लिए व10 कार्ड दोनों के लिए होते हैं।  इन कार्ड को देने के बाद परीक्षक विद्यार्थी को कहानी लिखने का निर्देश देता है इनमें परीक्षार्थी अपनी स्वाभाविक इच्छा, संवेग, विचारों और भावनाओं को व्यक्त करता है और इसके आधार पर उसके व्यक्तित्व का मापन किया जाता है कुल कार्ड 31 होते हैं

2.बाल संप्रत्यय परीक्षण (children application test C.A.T)

इस परीक्षण का निर्माण डॉ अर्नेस्ट ने किया । लेकिन सर्वप्रथम प्रयोग लियोपोल्ड ब्लैक ने 1948 में किया इन परीक्षण में कार्ड की संख्या 10 होती है सभी कार्ड जानवरों से संबंधित होते हैं बच्चों को कार्ड दिखाकर कहानी लिखने के लिए कहा जाता है। 

3.कहानी पूर्ति परीक्षण (story completion test S.A.T)

इसका निर्माण सन 1930 में एविघास पाइने व टेलेंडर ने किया था।  जिसमें अधूरे वाक्य को पूरा करना होता है। 

4.रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण (Roarchah ink volt test R.I.T)

इसका निर्माण हरमन रोर्शा ने सन 1921 में किया था इसमें कुल कार्डों की संख्या 10 होती है जिसमें 5 कार्ड काले वह सफेद स्याही के धब्बे वाले होते हैं । तथा 5 कार्ड विभिन्न रंग के होते हैं, बालको को कार्ड दिखाकर पूछा जाता है कि इनमें कौन सी आकृति दिखाई दे रही है। 



दोस्तों इस आर्टिकल में हमने व्यक्तित्व मापन की सभी विधियों को विस्तार (MPTET Grade 3 Vyaktitva Mapan ki Vidhiyan) पूर्वक आपके साथ शेयर किया।  आशा है इनके अध्ययन से आपको परीक्षा में इन विधियों से संबंधित प्रश्नों को हल करने में काफी मदद मिलेगी । शिक्षक भर्ती परीक्षा संबंधी अन्य स्टडी मटेरियल प्राप्त करने के लिए हमारी वेबसाइट safar.com पर विजिट करते रहिए।  धन्यवाद!

Related Artical :-

1. Buddhi Se Sambandhit Most Important MCQs  Click Here
2. Paryavaran Adhyayan ki Shikshan Vidhiyan  Click Here
3. Hindi Bhasha shikshan ki vidhiyan  Click Here
4. Insight Learning Theory of Kohler  Click Here
5. Complete Notes of Psychology (Motivation) for CTET   Click Here
6. Educational Psychology Important One Liners Click Here

 

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Close
Close