Sigmund Freud ka Siddhant Notes & MCQ For MPTET,CTET & All TET

सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त – Freud’s Psychoanalytic Theory of Personality

इस आर्टिकल में आज हम आपके साथ टीचिंग एग्जाम (Sigmund Freud ka Siddhant) की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण टॉपिक सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत शेयर कर रहे हैं। इस सिद्धांत की विस्तृत जानकारी हमने आपके साथ सांझा की है जो आगामी टीचिंग एग्जाम जैसे –MPTET Grade-3,CTET,REET,UPTET आदि की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण टॉपिक है।

सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत

इस सिद्धांत का प्रतिपादन सिगमंड फ्रायड ने किया था जो ऑस्ट्रिया के निवासी थे सिद्धांत में मन या मस्तिष्क का विश्लेषण किया जाता है, उनका जन्म 6 मई 1856 को हुआ था।उन्नीसवीं सदी के आरंभ के कुछ समय पहले मनोविज्ञान एक स्वतंत्र विज्ञान के रूप में विकसित हुआ इसलिए पहले मनोविज्ञान को दर्शन के अंतर्गत पढ़ा जाता था। उस वक्त मनोविज्ञान का उद्देश्य वयस्क मानव चेतना का विश्लेषण और अध्ययन करना था ब्राइटनेस परंपरागत चेतना के मनोविज्ञान का विरोध किया और मनोविश्लेषण संबंधी कई नई संकल्पनाओं का प्रतिपादन किया, जिस पर हमारा आधुनिक मनोविज्ञान टिका हुआ है।

प्रतिपादन- सिगमंड फ्रायड

 जन्म- 6 मई 1856

मृत्यु- 23 सितंबर 1940

निवासी-ऑस्ट्रिया (वियाना) में

इन्होंने मन की तीन प्रकार बताएं है –

1.चेतन मन (conscious mind)- यह मन वर्तमान के विचारों से संबंधित होता है।

2.अर्द्ध चेतन मन (subconscious mind)-इसमें हमें तुरंत ज्ञान नहीं होता लेकिन कुछ टाइम देखकर याद किया जा सकता है।

3.अचेन मन (Unconscious mind)-इसमें भी बातें होती है जो हम भूल चुके हैं और हमारी याद करने पर भी याद नहीं आती हैं।

फ्रायड व्यक्तित्व को तीन भागों में बांटा है –

i) ld (इदम्)-उसने व्यक्ति की शारीरिक और मूल अवस्था आवश्यकताएं हैं जैसे- भूख,प्यास आदि को satisfied करना होता हैयह सामाजिक आवश्यकता और नैतिक मूल्यों की चिंता किए बिना इच्छाओं की पूर्ति पर बल देता है।

ii) Ego (अहम)-यह आवश्यकताओं या इच्छाओं की संतुष्टि की योजना का निर्माण करता है और उसका implementationकरता है या परिणाम की चिंता करता है।

iii) super Ego (पराअहम्)- यह समाज द्वारा नैतिक सूत्रों के according काम करता हैयानी जिस व्यक्ति के अंदर super Ego ज्यादा होगी वह बुरे कामों से उतना ही दूर होगा जैसे – चोरी ना करना या झूठ ना बोलना ।

फ्राइड के व्यक्तित्व संबंधी विचारों को मनो लैंगिक विकास का सिद्धांत भी कहा जाता है। इसे फ्राइड ने 5 अवस्थाओं में बांटा है।

 1.मौखिक अवस्था (Oral Stage)- जन्म से 1 वर्ष

 2.गुदा अवस्था (Anal Stage) -2 से 3 वर्ष

 3.लैंगिक अवस्था (Phallic Stage)- 4 से 5 वर्ष

 4.सुषुप्त अवस्था (Lantency Stage) -6 से 12 वर्ष

 5.जननी अवस्था (Gental Stage) -12 से 20 वर्ष 

 सिगमंड फ्रायड ने  दो मूल प्रवृत्तियां बताई  है –

1.जीवन

2.मृत्यु

स्वमोह- ऑडीपस व इलेक्ट्रा ग्रंथि

सिगमंड फ्रायड के अनुसार“ ,लड़कों में ऑडीपस ग्रंथि पाई जाती है जिसके कारण वह अपनी मां से अधिक प्रेम करेंगे।

तथा लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि पाई जाने के कारण वह अपने पिता से अधिक प्रेम करती हैं।

 लिबिडो(Libido) -प्रेम, स्नेह व काम प्रगति को लिबिडो कहते हैं यह एक स्वाभाविक प्रकृति होती है और यदि इस प्रवृत्ति का दमन किया जाता है तो व्यक्ति को समायोजित हो जाता है

 शैशव कामुकता-शैशव कामुकता की बात पर सिगमंड फ्रायड व उनके शिष्य  जुग या युग के मध्य मतभेद हो जाता है

 व्यक्तित्व मापन की विधियां

 प्रक्षेपी विधियां

1.T.A.T (Thematic apperception test)

2.C.A.T (Children apperception test)

3.I.B.T (Ink Blot Test)

4.S.C.T (Sentence Complant Test)

5.F.W.A.T

अप्रक्षेपी विधियां

आत्म निष्ठ या व्यक्ति निष्ठ

  1. आत्मकथा विधि
  2. व्यक्ति इतिहास विधि
  3. साक्षात्कार विधि
  4. प्रश्नावली विधि

वस्तुनिष्ठ विधि

  1. समाजमिति विधि
  2. कर्म निर्धारण विधि
  3. शारीरिक परीक्षण विधि
  4. निरीक्षण विधि

प्रक्षेपण विधियां

  •  प्रक्षेपण शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम सिगमंड फ्रायड ने किया
  •  प्रक्षेप का अर्थ है अपनी बातों विचारों भावनाओं अनुभाव वादी को स्वयं ना बता कर किसी अन्य उद्दीपक या पदार्थ के माध्यम से अभिव्यक्त करना

1.T.A.T (Thematic apperception test) -प्रासंगिक अंतर बौद्ध परीक्षण या कथा प्रसंग परीक्षण

  •  प्रतिपादक-  मोरगन वा मुर्र
  •  सन–  1935
  •  कुल  कार्डों की संख्या- 31
  •   इस परीक्षण में 10 कारणों पर पुरुषों से संबंधित व 10 कार्डों पर महिलाओं से संबंधित 10 कारणों पर दोनों के चित्र बने होते हैं
  •  बालक को को चित्र दिखाकर कहानी लिखने को कहा जाता है और कम से कम 10 कार्ड ऊपर कहानी लिख पाई जाती है
  •  इस परीक्षण में 14 वर्ष से अधिक आयु वाले बालकों के लिए प्रयोग किया जाता है
  •  इसमें व्यक्ति की रुचियां, इच्छाओं बा आवश्यकताओं की जानकारी होती है।

2. C.A.T(Children apperception test)-बाल संप्रत्यय परीक्षण

  •  प्रतिपादक- लियोपोल्ड  बेलोक (1948)
  •  विकास में योगदान- डॉ अर्नेस्ट  कृष
  •  कार्डों की संख्या- 10
  •  इस परीक्षण में 10 कार्ड पर जानवरों के चित्र बने होते हैं बालक को को चित्र दिखाकर कहानी लिखने को कहा जाता है यह परीक्षण 3 से 11 वर्ष के बालक को के लिए उपयोगी हो।

3 .I.B.T (Ink Blot Test)-रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण

  •  प्रतिपादक- हरमन रोर्शा( 1921)
  •  कार्डों की संख्या– 10
  •  इस परीक्षण में  10 कार्डों पर स्याही के धब्बे बने होते हैं पांच कारणों पर काले और सफेद तथा बाकी पांच पर विभिन्न रंगों के धब्बे बने होते हैं
  •  बालक को को आकृति दिखाकर उसके बारे में पूछा जाता है इसमें बालक को के क्रियात्मक, भावात्मक बा संज्ञानात्मक परीक्षण किए जाते हैं

4.S.C.T (Sentence Complant Test)-वाक्य पूर्ति परीक्षण

  •  प्रतिपादक- पाइन एंड टेंडलर( 1930)
  •  विकास में योगदान– रोटर
  •  उदाहरण- मैं बहुत खुश होता हूं जब मेरे माता पिता………………. मुझे देते हैं

5.F.W.A.T -स्वतंत्र  शब्द साहचर्य परीक्षण

  •  यह एक मनोविश्लेषणात्मक विधि है
  •  प्रतिपादक– फ्रांसिस गॉल्टन
  •  सन- 1879
  •  सहयोग- विलियम वांट
  •  इस परीक्षण में व्यक्तित्व मापन के अलावा कई मनोवैज्ञानिक रोगों का इलाज भी किया जाता है

अप्रक्षेपी या अन्य विधियां – (चेतन मन का अध्ययन)

1.आत्म निष्ठ या व्यक्ति निष्ठ विधि

a.आत्मकथा या अंतर दर्शन विधि

  •  प्रवर्तक- विलियम वुण्ट  और शिष्य टिचनेर
  • यह एक प्राचीनतम विधि है
  •  यह एक मनोवैज्ञानिक विधि नहीं है
  •  इसके कारण इनका वर्तमान समय में उपयोग नहीं किया जाता है

b . व्यक्ति इतिहास विधि/ जीवन कृत विधि/ केस स्टडी-

  •  प्रवर्तक- टाइड मैन
  •  निदानात्मक अध्ययनों की सर्वश्रेष्ठ विधि है आज सामान्य बालकों के निदान की सर्वश्रेष्ठ विधि है समस्या के कारण को जानना निदान कहलाता है जो मनोविज्ञान की सहायता से किया जाता है तथा कारण को दूर करना उपचार कहलाता है जो शिक्षा की सहायता से किया जाता है बिना निदान के उपचार संभव नहीं है

c .प्रश्नावली विधि

  • प्रवर्तक-वुडवर्थ
  • प्रश्नावली में आमने- सामने होना जरूरी नहीं होता और उत्तर के रूप में विकल्प होते हैं

d.साक्षात्कार विधि

  • साक्षात्कार विधि का प्रारंभ अमेरिका में हुआ  इसमें प्रश्नों का कोई बंधन नहीं होता है और ना ही समय पर साक्षात्कार वार्तालाप का ही एक रूप माना जाता है
  1. वस्तुनिष्ठ विधिया
  2. a.निरीक्षण विधि या वही दर्शन विधि
  •  प्रवर्तक- व्हाटसन
  •  इस विधि में सामने वाले व्यक्ति के व्यापार का भिन्न भिन्न परिस्थितियों का अध्ययन किया जाता है और निष्कर्ष निकाला जाता है कि विषय का व्यक्तित्व कैसा है

b . समाजमिति विधि

  •  प्रवर्तक- J. L.मोरेनो
  •  इस विधि में व्यक्ति की सामाजिकता के बारे में समाज के व्यक्तियों से जानकारी लेकर निष्कर्ष निकाला जाता है कि विषय का व्यक्तित्व कैसा है

c .  कर्म निर्धारण मापनी/ रेटिंग स्केल

  • प्रतिपादक-थरस्टेन
  • इस परीक्षण में पूर्ण सहमत- सहमत- अनिश्चित- असहमत- पूर्ण सहमत में क्रम निर्धारण मापनी के माध्यम से आंकड़े एकत्रित करके निष्कर्ष निकाला जाता है कि विषय का व्यक्तित्व कैसा है।

d .  शारीरिक परीक्षण

  •  इस परीक्षण में व्यक्ति की शारीरिक जांच करके निष्कर्ष निकाला जाता है कि निर्धारित नौकरी के लिए व्यक्ति स्वस्थ है या नहीं

Sigmund Freud Theory Based Questions and Answers

Q.1 फ्राइड के अनुसार हमारे मूल्यों का आंतरिकीकरण …….. में होता है ।

a) इदम्

b) अहम्

c) पराहम्

d) परिस्थितियों

Ans-(c)

Q.2 फ्राइड के अनुसार मूल प्रवृत्ति के दो प्रकार हैं –

a) आक्रामकता एवं चिंता

b) अहम तथा पराअहम

c) इरोज एवं थेनेटॉस

d) इड तथा अहम

Ans-(c)

Q.3 मानव व्यक्तित्व के मनो लैंगिक विकास को निम्न में से किसने महत्व दिया था ?

a) कमेनियस

b) हॉल

c) हॉलिंगवर्थ

d) फ्रायड

Ans-(d)

Q.4 इदम् का ईगो पर हावी होने की स्थिति में व्यक्ति होता है –

a)अनैतिक व असामाजिक

b) दबाव

c) दुशचिंता

d) कुंठित

Ans-(a)

Q.5 अलमारी से अमूल किताब नहीं पाता है और थोड़ी देर के लिए परेशान हो जाता है फिर याद आती है कि उस किताब को हमने अपने दोस्त को दिया था यह अवस्था है –

a) चेतन मन

b) अचेतन मन

c) अर्द्धचेतन मन

d) इदम

Ans- (c)

Q.6 शारीरिक योग्यता वाले व्यक्ति के लिए निम्न में से कौन सी युक्ति रक्षा तंत्र में सबसे संतोषजनक होगी ?

a) तादात्मीकरण

b) विवेकीकरण

c) अति कल्पना

d) इनमें से कोई नहीं

Ans-(c)

Q.7 निम्न में से कौन सा तरीका प्रत्यक्ष समायोजन का है ?

a) प्रक्षेपण

b) दमन

c) प्रतिगमन

d) लक्ष्यों का प्रतिस्थापन

Ans-(d)

Q.8 विकास की अवस्था तौर पर 1 से 3 वर्ष की आयु में होती है इनको विकसित होने लगता है और इड कुछ हद तक नियंत्रित हो जाती है

a) मौखिक

b) फालिक

c) विलम्ब

d) गुदा

Ans-(d)

Q.9 कुछ लोग कहते हैं कि जब बच्चों पर गुस्सा आता है, तो वे खेलते हैं जब तक भी बेहतर महसूस ना करें । इस व्यवहार का प्रतिनिधित्व कौन सा रक्षा तंत्र करता है ?

a) प्रक्षेपण

b) विस्थापन

c) प्रतिक्रिया गठन

d) उच्च बनाने की क्रिया

Ans-(b)

Q.10   5 वर्ष के बालक में अपने पिता के पिता माता के प्रति अत्यधिक प्रेम की भावना विकसित हो जाती है बालक के व्यापार में होने वाले इस परिवर्तन को फ्राइड द्वारा क्या नाम दिया गया है ?

a) पराहम्

b) इलेक्ट्रा कंपलेक्स

c) ओडिपस कंपलेक्स

d) नार्सीजिज्म

Ans-(c)

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इस पोस्ट में हमने आपके साथ व्यक्तित्व मापन का सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत (Sigmund Freud ka Siddhant) सांझा किया है ,आशा है यह आर्टिकल आपकी परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा आपको आने वाली सभी परीक्षाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ऐसी नवीनतम जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करते रहे।

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