Harvard Gardner ka Bahu Buddhi Siddhant For CTET 2020

Theory of Multiple Intelligence For CTET 2020

हेलो! दोस्तों इस आर्टिकल हम आपके साथ मनोविज्ञान के प्रमुख सिद्धांतों  मे से एक (Harvard Gardner ka Bahu Buddhi Siddhant For CTET 2020) हावर्ड गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत शेयर करने जा रहे हैं जो कि आने वाली सभी टीईटी परीक्षाओं की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इन सिद्धांतों से प्रश्न परीक्षा में अवश्य  पूछें जाते हैं  अतः यह आर्टिकल आपके परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण व उपयोगी है

Harvard Gardner ka Bahu Buddhi Siddhant For CTET 2020

प्रतिपादक- हावर्ड गार्डनर

प्रतिपादन- 1983

हावर्ड गार्डनर के अनुसार “बुद्धि का कोई एक तत्व नहीं होता है”

                           हावर्ड गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत

 बुद्धि का एक सिद्धांत है जिसे हावर्ड गार्डनर ने प्रतिपादित किया इसे बहु बुद्धि सिद्धांत कहा जाता है इसके अनुसार हर इंसान में अलग प्रकार की बुद्धि होती है जैसे कोई संगीत में पारंगत हो सकता है तो कोई अभिनय में, तो कोई लेखन में ,तो कोई तार्किक क्षमता में, इन्होंने बुद्धि के इस सिद्धांत को समझाने के लिए इसे 8 क्षेत्र विभाजित किया है

  • हावर्ड गार्डनर ने 1983 में हावर्ड गार्डनर ने इसे 7 भागों में बांटा था बाद में से संशोधित करके 8 भागों में बांटा था

गार्डन में अपनी पुस्तक “फ्रेम्स ऑफ माइंड: द थ्योरी ऑफ मल्टीपल इंटेलीजेंस” ने इसे काफी अच्छे से विस्तार पूर्वक बताया है

बुद्धि के 8 भाग निम्न है

  1. भाषागत
  2. तार्किक गणितीय
  3.  देशिक
  4. संगीत आत्मक
  5. शारीरिक गति संवेदी
  6. अंतर वैयक्तिक
  7. अंतः व्यक्ति
  8. प्रकृति वादी

1.शारीरिक गति संवेदी (Body Kinaesthetic intelligence)

संपूर्ण शरीर अथवा किसी अंग को लचीला बनाता प्रयोग करना पेशीय कौशल का उपयोग करना शारीरिक गतिविधि योग्यता के अंतर्गत आता है

उदाहरण- खिलाड़ी, जातक, जिमनास्टिक, शल्य चिकित्सा, धावक आदि

2. अंतर व्यक्तित्व बुद्धि (Interpersonal intelligence)

बुद्धि के व्यक्ति दूसरे व्यक्तियों की इच्छाओं प्रेरणा तथा आवश्यकताओं को समझते हैं दूसरे व्यक्तियों की सुख में व्यवहार के प्रति संवेदनशील होते हैं

उदाहरण- मनोवैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक नेता, परामर्श देने वाला आदि

3.अंतःव्यक्ति (Interpersonal)

ऐसेव्यक्ति गहरी सोच रखते हैं अपनी निजी भावना अभिप्रेरणा तथा इच्छाओं को जानकर उस ज्ञान को दूसरे व्यक्तियों के साथ अंतः क्रिया में कर सकते हैं

उदाहरण- दार्शनिक, साइकाइट्रिक, डिज़ाइनर, प्लानर

4.भाषागत (linguistic)

ऐसे व्यक्तियों को भाषाओं तथा शब्दों का बहुत ज्ञान होता है इन्हें भाषाओं को सीखना तथा अन्य शब्दों का प्रयोग करना बहुत अच्छी तरह आता है यह शब्दों के संबंधों को बहुत गहराई से समझते हैं

उदाहरण- कवि, लेखक आदि

5.गणितीय (logical mathematical)

ऐसे व्यक्तियों में तर्क करने की क्षमता समस्या समाधान क्षमता वैज्ञानिक चिंतन आदि गुण होते हैं वैज्ञानिकों तथा नोबेल पुरस्कार वालों ने ऐसी बुद्धि होती है

उदाहरण- मैथमेटिशियन, फाइनेंसर

6. देशिक (visual)

ऐसे व्यक्ति वस्तु और स्थानिक आयामों को याद रखने की क्षमता रखने वाले होते हैं यह व्यक्ति सरलता से देश सूचना को अपने मस्तिष्क में रख सकते हैं

उदाहरण- विमान चालक, चित्रकार, नविक, मूर्तिकार ,साज-सज्जा विशेषज्ञ आदि

7.संगीतात्मक (Musical intelligence)

इन व्यक्तियों का झुकाव संगीत में होता है और इन्हें ले सुर ताल आदि का बहुत अच्छा ज्ञान होता है इनमें संगीत का सही उपयोग करने की क्षमता होती है

उदाहरण- म्यूजिक कंपोजर, गायककार

8. प्रकृतिवादी (Naturalelastic intelligence)

इस बुद्धि वाले व्यक्ति की प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता होती है इन्हें प्रकृति के साथ रहना पेड़ पौधे जानवरों की देखरेख करने में अधिक रूचि होती है

उदाहरण- वेटरनरी डॉक्टर, वनस्पति, वातावरण विशेषज्ञ आदि

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