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Child Development and Pedagogy

Important Questions for Child Development and Pedagogy

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Important Questions for Child Development and Pedagogy

MP TET 2020 : Bal Vikas evam Shiksha Shastra Mahatvpurn prashn Uttar

नमस्कार !दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपके साथ बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Important Questions for Child Development and Pedagogy) की कुछ अति महत्वपूर्ण 50 प्रश्न उत्तर सांझा कर रहे हैं जो आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है सभी टीचर एग्जाम में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से प्रश्न अवश्य ही पूछे जाते हैं इन प्रश्नों के अध्ययन से आपको इन परीक्षाओं में आने वाले सभी प्रश्नों को हल करने में सहायता मिलेगी इस आर्टिकल में हमने समावेशी शिक्षा से संबंधित प्रश्नों को भी शामिल किया हैजो कि एक महत्वपूर्ण टॉपिक है।

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र अति महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर (Child Development and Pedagogy Important Questions)

  1. RTE Act 2009 के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों को प्रति सप्ताह कितने घंटे की योजना बना कर कार्य करना है?
  • 30 घंटे
  • 45 घंटे
  • 42 घंटे
  • 50 घंटे
  1. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में लागू नहीं होता-
  • निः शक्त बच्चे
  • 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चे
  • 14 से 18 आयु के बच्चे
  • बच्चों की नियमित उपस्थिति
  1. यदि आप की कक्षा का बच्चा ‘C’ को ‘D’, ‘D ‘को’ C’, लिखे पढ़ें तो वह कौन से रोग से पीड़ित है-
  • मलेरिया (Maleria)
  • डिस्लेक्सिया (Dyslexia)
  • फाइलेरिया (falheira)
  • टाइफाइड (Typhoid)
  1. वर्तमान में नि:शक्त बच्चों की शिक्षा के लिए कहा गया है-
  • समावेशी शिक्षा
  • विशेष शिक्षा
  • संकेत शिक्षा
  • कोई नहीं
  1. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2005 (NCF-2005) के अनुसार गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य है?
  • बच्चों को अंक गणित का ज्ञान देना
  • बच्चों में गणित के प्रति रुचि पैदा करना
  • बच्चों में तार्किक चिंतन तथा समस्या समाधान योग्यता का विकास करना
  • बच्चों में संवेगात्मक विकास करना

(Important Questions for Child Development and Pedagogy)

  1. NCTE का पूर्ण रूप क्या है?
  • National Council of technical education
  • National curriculum of technical education
  • National Council of teacher education
  • National Council for teacher education
  1. निम्न में से कौन सी मानसिक मंदता (Mentally Retardation) की विशेषताएं नहीं हैं?
  • बुद्धि लब्धि (IQ) का 25 से 70 के मध्य होना |
  • धीमी गति से सीखना एवं दैनिक जीवन की क्रियाओं को नहीं कर पाना |
  • वातावरण के साथ अनुकूलन में कठिनाई होना |
  • अंतवयक्तिक संबंधों (Interperso nal Relation) का कमजोर होना |
  1. नि:शक्त बालकों की शिक्षा केहै- लिए प्रावधान किया जा सकता
  • समावेशित शिक्षा द्वारा
  • मुख्य धारा में डालकर (Mainstreaming)
  • समाकलन द्वारा (Integration)
  • इनमें से कोई नहीं
  1. …..…. प्रतिभाशाली होने का संकेत नहीं है |
  • रचनात्मक विचार
  • दूसरों के साथ झगड़ना
  • अभिव्यक्ति में नवीनता
  • जिज्ञासा (Curiosity)
  1. डिस्लैक्सिया (Dyslexia) किससे संबंधित है?
  • मानसिक विकार
  • गणितीय विकार
  • पठन विकार (Disorder)
  • व्यवहार संबंधी विकार
  1. विशेष आवश्यकता वाले बालकों को शिक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए –
  • अन्य सामान्य बालकों के साथ |
  • विशेष विद्यालयों में विशेष बालकों के लिए विकसित पद्धतियों द्वारा |
  • विशेष विद्यालयों में |
  • विशेष विद्यालय में विशेष अध्यापकों द्वारा |
  1. आप देखते हैं कि एक विद्यार्थी बुद्धिमान है |आप-
  • उसे सभी छात्रों के साथ संतुष्ट करेंगे |
  • उसे अतिरिक्त गृह कार्य नहीं देंगे |
  • वह जैसे अधिक प्रगति कर सकता है उसे वैसे ही अनु प्रेरित (Motivation) करेंगे |
  • उसके अभिभावकों को सूचित करेंगे कि वह बुद्धिमान है |
  1. समस्या के अर्थ को जाने की योग्यता, वातावरण के दोषो, कमियों एवं रिक्तियों के प्रति सजगता | यह विशेषता है
  • प्रतिभाशाली बालकों की
  • सामान्य बालकों की
  • सृजनशील बालकों की
  • इनमें से कोई नहीं
  1. विशेष शिक्षा संबंधित है-
  • मेधावी विद्यार्थी के लिए शिक्षा से |
  • कम योग्य विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक कार्यक्रम से |
  • अध्यापकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम से |
  • पिछड़ी बुद्धि के विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम से |
  1. असंगठित घर से आने वाला बालक सबसे अधिक कठिनाइयों का अनुभव करेगा-
  • स्वयं पाठ को तैयार करने में
  • स्वतंत्र अध्ययन में
  • रोजगार के संदर्भ में
  • अभ्यास पुस्तिका में
  1. आप अनपढ़ माता पिता के बच्चों को अंग्रेजी सीखना चाहते हैं-
  • आप बच्चों से अंग्रेजी में बात करेंगे |
  • आप बच्चों को अंग्रेजी में बोलने के लिए मजबूर करेंगे |
  • आप बच्चों को मात्र भाषा में बोलने से रोकेंगे |
  • आप उसे मातृभाषा की सहायता से अंग्रेजी सिखाने का प्रयास करेंगे |
  1. वह कौन से बाह्य कारक हैं जो एक बालक को कक्षा में रुचि लेने से रोकते हैं ?
  • भावना और मनोभाव (जज्बात)
  • संस्कृति और प्रशिक्षण
  • बालक का दृष्टिकोण
  • लक्ष्य और प्रयोजन
  1. कमजोर वर्ग (Weaker Section) के बालक से तात्पर्य है-
  • ऐसे अभिभावकों के बालक से जिनकी वार्षिक आय कम है |
  • ऐसे अभिभावकों के बालक से जो वंचित (Deprived) वर्ग में आते हैं |
  • ऐसे अभिभावकों के बालक से जो गरीबी रेखा से नीचे की सीमा में आते हैं |
  • ऐसे अभिभावकों के बालक से जो सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम सीमा की वार्षिक आय की सीमा के नीचे के वर्ग में आते हैं |
  1. पिछले बालक ऐसे बच्चे हैं-
  • जिनकी सीखने की गति धीमी हो |
  • जिनकी बुद्धि लब्धि स्तर 80 से 90 के पीछे|
  • मानसिक रूप से अस्वस्थ और असमायोजित हो|
  • उपयुक्त सभी|

20 एलेक्सिया (Alexsia) है-

  • पढ़ने की अक्षमता
  • सीखने की अक्षमता
  • सीखने लिखने की अक्षमता
  • सुनने की क्षमता
  1. साइज़ोइड वर्ग में किस प्रकार के बालक आते हैं
  • मोटे, स्वस्थ रहें लंबे शरीर वाले
  • प्रतिभाशाली व प्रखर बुद्धि वाले
  • दुबले पतले कथा लंबे शरीर वाले
  • प्रतिभाशाली बालक
  1. विशिष्ट बालकों के अंतर्गत निम्न में से कौन सा बालक आता है?
  • पिछड़ा बालक
  • प्रतिभाशाली बालक
  • बुद्धि बालक
  • ये सभी
  1. अपराधी बालक (Delinquent Child) कौन है ?
  • जो असामाजिक कार्य करते हैं|
  • जो शिक्षक के लिए सिरदर्द होते हैं|
  • जो कक्षा में अव्वल आते हैं|
  • जो समाज में रहना पसंद नहीं करते हैं|
  1. शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों को सामान्यता होता है –
  • डिस्केलकुलिया (Dyscalculia)
  • डिस्प्ले किया (Dysacvia)
  • डिसग्राफिया (Dysraphia)
  • डिस्थीमिआ (Dysthymia)
  1. प्रतिभाशाली विद्यार्थी?
  • स्वभाव के अंतर्मुखी होते हैं
  • अपनी आवश्यकताओं को दृढ़ता पूर्वक कह नहीं पाते
  • अपने निर्णय में आत्मनिर्भर होते हैं
  • शिक्षकों से स्वतंत्र होते हैं
  1. एक बच्चा जो….. से ग्रस्त है, वह”SAW” और “WAS” एवं Nuclear और Unclear मैं अंतर नहीं कर सकता |
  • शब्द” जबलिंग विकास
  • डिस्लेक्समिया
  • डिस्फारमिया
  • डिस्लेक्सिया
  1. एक शिक्षिका की कक्षा में कुछ शारीरिक विकलांगता वाले बच्चे हैं निम्नलिखित में से उनके लिए क्या कहना सबसे उचित होगा?
  • पोलियो ग्रस्त बच्चे अब एक गाना प्रस्तुत करेंगे|
  • पहिया कुर्सी वाले बच्चे हाल में जाने के लिए अपने समय के साथ |ही बच्चों से मदद ले सकते हैं
  • शारीरिक रूप से असुविधाग्रस्त बचे कक्षा में ही कोई वैकल्पिक गतिविधि कर सकते|
  • मोहन खेल के मैदान में जाने के लिए अपनी बैसाखी का प्रयोग नहीं करते

 

  1. प्रतिभाशाली शिक्षार्थी को-
  • अधिगम निर्योग्य नहीं कर सकते
  • ऐसे सहयोग की आवश्यकता होती है जो सामान्यत: विद्यालयों द्वारा उपलब्ध नहीं कराए जाते
  • शिक्षकके बिना अपने अध्ययन को व्यवस्थित कर लेते हैं
  • अन्य शिक्षार्थियों के लिए अच्छे मॉडल बन सकते हैं

 

29….. के कारण प्रतिभा शीलता होती है-

  1. मनो सामाजिक कारकों
  2. अनुवांशिक रचना
  3. वातावरण अभिप्रेरणा
  4. B और C का समायोजन

 

  1. बच्चों में सीखने और सुनने के लिए अधिगम योग्य वातावरण के लिए निम्नलिखित में से कौन सा उपयुक्त है-
  • शिक्षार्थियों को यह छूट देना कि क्या सीखना है और कैसे सीखना है
  • एक लंबे समय के लिए निष्कर्य रूप से सुनना
  • निरंतर गृह कार्य देते रहना
  • सीखने वाले द्वारा व्यक्तिगत कार्य करना
  1. गतिक कौशलों में अधिगम में निर्योग्य ……. कहलाती है
  • डिस्फजिया (Dysphaisa)
  • डिस्प्रेक्सिया (Dyspraxia)
  • डिस्केलकुलिया (Dyscalculia)
  • डिस्लेक्सिया (Dyslexia)
  1. अधिगम निर्योग्यता (Learning Disability)-
  • समुचित निवेश (Appropriate Input) के साथ सुधार योग्य नहीं होती
  • एक स्थिर अवस्था है
  • एक चर अवस्था है
  • जरूरी नहीं कि कार्यपद्धती की हानि करें

33.विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ने के लिए निम्नलिखित में से कौन से मूल रचना अधिक उपयुक्त है

  • अधिकतम बच्चों को सम्मिलित करते हुए कक्षा में चर्चा करना
  • विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अध्यापक द्वारा मार्गदर्शन करना
  • सहकारी अधिगम तथा पीअर टूरिंग
  • अध्यापन के लिए योग्यता आधारित समीकरण
  1. अधिगम की योग्यता का लक्षण है –
  • भागने की प्रवृत्ति होना
  • अशांत, ऊर्जावान एवं विंध्य शंख होना
  • अवधान (एकाग्रता) सम्बन्धी बाधा / विकार |
  • अभिप्रेरणा का अभाव
  1. निम्न में से कौन सा कथन किसी व्यक्ति के मानसिक प्रभाव को उत्तम रूप प्रदर्शित करता है-
  • पूर्ण अभिव्यक्ति, संगति करण और सामान्य लक्षण की और निर्देशन
  • मानसिक विकारों का नहीं होना
  • व्यक्तित्व के विकारों से मुक्ति
  • उपयुक्त में से सभी

36 गिलफोर्ड ने अभिसारी चिंतन पद का प्रयोग किसी समान अर्थ में किया है

  • बुद्धि
  • सृजनात्मकता
  • बुद्धि एवंसृजनात्मकता
  • इनमें से कोई नहीं

37.शारीरिक निर्योग्यता वाले व्यक्ति के लिए निम्न में से कौन सा युग की रक्षा यंत्र तंत्र कैसे में सबसे संतोषजनक होगी-

  • तादात्मीकरण
  • विवेकी करण
  • अति कल्पना
  • इनमें से कोई नहीं
  1. सृजनशीलता के पोषण के लिए अध्यापक को निम्न में से किस विधि की सहायता लेनी चाहिए-
  • ब्रेन स्टॉर्मिंग/ विचार वेश
  • व्याख्यान विधि
  • दर्श्य श्रव्य सामग्री
  • यह सभी
  1. इरफान खिलौनों को तोड़ता है और उसके पूर्वजों को देखने के लिए उन्हें अलग अलग कर देता है आप क्या करेंगे
  • उस पर हमेशा नजर रखेंगे
  • उसके जिज्ञासु स्वभाव को प्रोत्साहित करेंगे और उसकी उर्जा को सही दिशा में संचालित करेंगे
  • उसे समझेंगे कि खिलौनों को तोड़ना नहीं चाहिए
  • इरफान को खिलौनों से कभी भी नहीं खेलने
  1. सर्जनात्मक उत्तरों के लिए आवश्यकता है-
  • विषय वस्तु आधारित प्रश्न (Content Based Question)
  • मुक्त उत्तर वाले प्रश्न (Open Ended Question)
  • एक अत्यंत अनुशासित कक्षा (A Highty Discilined Classroom)
  • प्रत्यक्ष शिक्षण एवं प्रत्यक्ष प्रश्न (Direct Teaching & Direct Question)
  1. एक शिक्षिका अपनी कक्षा में प्रतिभाशाली बच्चों की योग्यताओ (Potential) की उपलब्धि चाहती है अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए उसे निम्नलिखित में से क्या करना चाहिए-
  • तनाव को नियंत्रित करना सिखाना
  • विशेष अध्ययन के लिए उन्हें उनके समकक्ष ओं से अलग करना
  • उनकी सृजनात्मकता को समृद्ध करने के लिए उन्हें चुनौती देना
  • गैर शैक्षणिक गतिविधियों में आनंद लेने के लिए सीखना
  1. सर्जनात्मक शिक्षार्थी (Creative Learner) वह है जो-
  • बहुत बुद्धिमान हैं|
  • परीक्षा में हर बार अच्छे अंक प्राप्त करने के योग्य है |
  • पार्षद (Lateral) चिंतन और समस्या समाधान में अच्छा है |
  • ड्राइंग और पेंटिंग (Drawing & Painting) में बहुत अतुल्य (Fantastic) है |
  1. “बच्चे के उचित विकास को सुनिचित करने के लिए उसका स्वस्थ विकास शारीरिक विकास एक माह पूर्व प्रथम आवश्यकता है”| यह कथन-
  • गलत हो सकता है क्योंकि विकास नितांत व्यक्तिगत मामला है |
  • सही है क्योंकि विकास क्रम में शारीरिक विकास सबसे पहले स्थान पर आता है |
  • सही है क्योंकि शारीरिक विकास, विकास के अन्य पक्षों के साथ अंतः संबंधित (Interrelated) है|
  • गलत है, क्योंकि शारीरिक विकास, विकास के अन्य पक्षों को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करता है|
  1. नि:शक्त बच्चों के लिए समेकित शिक्षा के केंद्रीय प्रायोजित योजना (Central Funded Project) के उद्देश्य… हैं. मैं नि:शक्त बच्चों को शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराना|
  • विशेष विद्यालयों
  • मुक्त विद्यालयों
  • ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन के विद्यालयों
  • नियमित विद्यालयों
  1. निम्नलिखित में सृजनशीलता का मुख्य तत्व क्या नहीं है?
  • मौलिकता
  • अनुशासन
  • धारा प्रवाहिता
  • लचीलापन
  1. जन्म के समय लगी चोट या भूर्ण क्षति की वजह से आई मानसिक मंदता कहलाती है?
  • जैविक मंदता
  • पारिवारिक मंदता
  • आकस्मिक मंदता
  • चिकित्सा मंदता
  1. निम्न में से कौन सा विशिष्ट अधिगम विकलांगता का उदाहरण है-
  • मानसिक मंदता
  • डिस्लेक्सिया
  • अटेंशन डेफिसिट हाइपर ऑर्डर
  • आटिस्म
  1. श्रवण बाधित बच्चों को बढ़ाने के लिए क्या प्रयुक्त की जाती है?
  • ब्रेल लिपि (Braille Lipi)
  • संकेतिक भाषा (Coding Langauage)
  • यंत्र (Insturment)
  • यह सभी
  1. ‘प्रतिभाशाली होने’ का संकेत निम्न में से क्या नहीं है-
  • विचारों में सृजनात्मकता (Creativity in Ideas)
  • दूसरों के साथ लड़ना (Fighting with Others)
  • अभिव्यक्ति में अनूठा पर (Novelty in Expression)
  • कौतूहल (Curiosity)
  1. समन्वित शिक्षा (Integrated Education) की सफलता निर्भर करती है-
  • समुदाय के समर्थन पर (The support of Community)
  • पाठ्य पुस्तकों (Textbook) की उत्कृष्टता (Excellency) पर
  • शिक्षण अधिगम वस्तु की गुणवत्ता पर
  • शिक्षक में अभिवृत्तिगत (Attitudinal) का परिवर्तन पर
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Pavlov ka Anukulit Anukriya Siddhant For CTET 2021

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Pavlov ka Anukulit Anukriya Siddhant

CTET 2021: पावलव का अनुकूलित अनुक्रिया का सिद्धांत (Pavlov’s Principle of Optimized Response)

इस आर्टिकल में मनोविज्ञान (Pavlov ka Anukulit Anukriya Siddhant For CTET 2021) का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत आपके साथ शेयर कर रहे हैं। जिसका नाम है, “पावलव का अनुकूलित अनुक्रिया का सिद्धांत” इस सिद्धांत से संबंधित प्रश्न सभी शिक्षा भर्ती परीक्षा में अवश्य ही पूछे जाते हैं एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है इस सिद्धांत को हमने इस आर्टिकल में विस्तारपूर्वक समझाया है। तथा इससे संबंधित प्रश्न उत्तर आपके साथ साझा किए हैं, आशा है यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित होगा।

पावलव का अनुकूलित अनुक्रिया का सिद्धांत (Pavlov ka Anukulit Anukriya Siddhant)

प्रतिपादक (अनुबंधन) का जनक- ई पी पावलाव

जन्म- 26 सितंबर 1849 रियाजान, रूस

मृत्यु – 27 फरवरी 1936 मास्को, रूस

ईवान पावलाव –

  • ई पी पावलाव रूसी वैज्ञानिक थे। इनका पूरा नाम ईवान पात्रोंविच पावलव’ था।
  • इन्होंने पाचन क्रिया के दैहिकी का विशेष रूप से अध्ययन किया और उनका यह अध्ययन इतना महत्वपूर्ण एवं लोकप्रिय हुआ कि 1904 ईस्वी में इसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार भी दिया गया।
  • ई पी पावलाव को अनुबंधन का जनक कहा जाता है।
  • मनोवैज्ञानिक के साथ-साथ पावलाव एक चिकित्सक भी थी।
  • पावलव ने कुत्ते की पैरोटिड ग्रंथि का ऑपरेशन का लार का एकत्रीकरण किया।
  • इस प्रयोग द्वारा पावलव में यह निष्कर्ष निकाला कि यदि लंबे समय तक स्वाभाविक तथा अस्वाभाविक उद्दीपन का एक साथ प्रस्तुत किए जाएं तो व्यक्ति अस्वाभाविक उद्दीपन के प्रति भी स्वाभाविक जैसी अनुक्रिया करने लगता है जिसे अनुकूलित अनुक्रिया अथवा अनुबंधित अनुक्रिया कहते हैं।

पावलव s- प्रकार

  • प्रयोगकुत्ते पर प्रयोग किया
  • जब कुत्ते के सामने भोजन रख दिया जाता था। जो हमारा उद्दीपक है, तो जैसे ही भोजन रखा जाता तो कुत्ते के मुंह में लार की वृद्धि होती है
  • इन्होंने कुत्ते को रस्सी से बांध दिया था।

प्रथम चरण

स्वाभाविक उद्दीपक = स्वाभाविक प्रतिक्रिया

(भोजन) (लार निकलना)

द्वितीय चरण

घंटी + भोजन = लार निकलना

(कृतिम उद्दीपक) (स्वाभाविक उद्दीपक) (स्वाभाविक प्रतिक्रिया)

तृतीय चरण

घंटी = लार निकलना

(कृतिम उद्दीपक) (स्वाभाविक प्रतिक्रिया)

  • नोट- घंटी भोजन के मध्य समय – 2 से 4 सेकंड
  • भोजन को घंटी से अधिक प्रभावशाली होना चाहिए।

इस सिद्धांत की शैक्षिक उपयोगिता

  1. शिक्षक को विषय वस्तु के प्रति अनुबंधन करना चाहिए।
  2. अच्छी आदतों का निर्माण किया जा सकता है।
  3. अनुशासन बच्चों में लाया जा सकता है।
  4. बुरी आदत तो वह क्या दी से छुटकारा मिल जाता है।
  5. सतर्क रहना।
  6. शिक्षण में दृश्य श्रव्य सामग्री का प्रयोग।
  7. पुनरावृति पर बल।
  8. यांत्रिक तरीके से सीखने पर बल।
  9. इसी प्रकार बालक को में प्रेम भावना का विकास होता है।
  10. भाषा को सीखने और सिखाने के लिए विशेष उपयोगी।
  11. आदतों के निर्माण में विशेष उपयोगी।
  12. भय संबंधित मानसिक भ्रांतियों को दूर करने में सहायक।

उपनाम

  • C-R थ्योरी
  • शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत
  • प्राचीन परंपरागत अनुबंधन सिद्धांत
  • समृद्ध प्रतिक्रिया प्रत्यावर्तन सिद्धांत
  • अनुबंधन का सिद्धांत
  • शरीर शास्त्री सिद्धांत
  • क्लासिकल अनुबंधन सिद्धांत

UCSunconditional stimulus [अनुबंधित उद्दीपक (भोजन), स्वाभाविक उद्दीपक ]

CS – conditional stimulus [अनुबंधित उद्दीपक (घंटी), अस्वाभाविक उद्दीपक ]

UCR – unconditional response [अनुबंधित अनुक्रिया (लार), स्वाभाविक अनुक्रिया]

CR – conditional response [अनुबंधित अनुक्रिया (लार) ,अस्वाभाविक अनुक्रिया]

पावलाव के सिद्धांत पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

Q.1 पावलव का सिद्धांत किस नाम से जाना जाता है ?

a) संबंध प्रत्यावर्तन

b) संबंध प्रतिक्रिया

c) अनुकूलित अनुक्रिया

d) उपयुक्त सभी

Ans-(d)

Q.2 पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत के अनुसार घंटी तथा भोजन के मध्य …… ही अनुबंधन कहलाता है ?

a) अनुक्रिया

b) साहचर्य

c) उद्दीपक

d) अंतदृष्टि

Ans-(b)

Q.3 अधिगम से संबंधित पावलव की रचना है –

a) एनिमल इंटेलिजेंस

b) कंडीशन रिफ्लेक्सेस

c) डायनेमिक थ्योरी

d) लर्निंग रिइंफोर्समेंट

Ans-(b)

Q.4 अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत – – – – अनुकूल पर बल देता है ?

a) प्रेरणा

b) पुनर्बलन

c) चिंतन

d) अंतदृष्टि

Ans-(a)

Q.5 पावलव के प्राचीन अनुबंधन सिद्धांत में भोजन है ?

a) अनुबंधित उद्दीपक

b) अननुबंधित उद्दीपक

c) अनुबंधित अनुक्रिया

d) अननुबंधितअनुक्रिया

Ans-(b)

Q.6 पावलव के सिद्धांत को कंप्यूटर स्टीमुलेशन द्वारा कौन सी मशीन बताती है ?

a) हॉफमैन मशीन

b) कोफ्का मशीन

c) स्टीमुलेशन मशीन

d) उपरोक्त में से कोई नहीं

Ans-(a)

Q.7 एक व्यक्ति बाजार में सामान खरीदने जाता है तो उसका हाथ अपने आप पेंट के पीछे दाहिनी जेब पर जाता है, इसका कारण है –

a) समायोजन

b) अभी क्षमता

c) प्रतिबाधा

d) अनुबंधन

Ans-(d)

Q.8 अनुबंधन की बाद घंटी की ध्वनि से लार का स्त्राव उदाहरण है ?

a) अनुबंधित अनुक्रिया

b) अनअनुबंधित अनुक्रिया

c) अनुबंधित उद्दीपक

d) अननुंबधित उद्दीपक

Ans-(a)

Q.9 शास्त्रीय अनुबंधन में सम्मिलित होते हैं

a) एक उत्तेजक का दूसरे उत्तेजक से साहचर्य

b) उत्तेजक का अनुक्रिया के लिए स्थान पूर्ति

c) एक उत्तेजक की दूसरी उत्तेजक के लिए स्थान पूर्ति

d) उत्तेजक का अनुक्रिया से साहचर्य

Ans-(a)

Q.10 एक बार बालक जलने के बाद अंगीठी से दूर रहता है, वह उदाहरण है ?

a) प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत

b) क्रिया अनुबंध

c) शास्त्रीय अनुबंधन

d) अंतर्दृष्टि सिद्धांत

Ans-(c)

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Sigmund Freud ka Siddhant Notes & MCQ For MPTET,CTET & All TET

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Sigmund Freud ka Siddhant

सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त – Freud’s Psychoanalytic Theory of Personality

इस आर्टिकल में आज हम आपके साथ टीचिंग एग्जाम (Sigmund Freud ka Siddhant) की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण टॉपिक सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत शेयर कर रहे हैं। इस सिद्धांत की विस्तृत जानकारी हमने आपके साथ सांझा की है जो आगामी टीचिंग एग्जाम जैसे –MPTET Grade-3,CTET,REET,UPTET आदि की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण टॉपिक है।

सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत

इस सिद्धांत का प्रतिपादन सिगमंड फ्रायड ने किया था जो ऑस्ट्रिया के निवासी थे सिद्धांत में मन या मस्तिष्क का विश्लेषण किया जाता है, उनका जन्म 6 मई 1856 को हुआ था।उन्नीसवीं सदी के आरंभ के कुछ समय पहले मनोविज्ञान एक स्वतंत्र विज्ञान के रूप में विकसित हुआ इसलिए पहले मनोविज्ञान को दर्शन के अंतर्गत पढ़ा जाता था। उस वक्त मनोविज्ञान का उद्देश्य वयस्क मानव चेतना का विश्लेषण और अध्ययन करना था ब्राइटनेस परंपरागत चेतना के मनोविज्ञान का विरोध किया और मनोविश्लेषण संबंधी कई नई संकल्पनाओं का प्रतिपादन किया, जिस पर हमारा आधुनिक मनोविज्ञान टिका हुआ है।

प्रतिपादन- सिगमंड फ्रायड

जन्म- 6 मई 1856

मृत्यु- 23 सितंबर 1940

निवासी-ऑस्ट्रिया (वियाना) में

इन्होंने मन की तीन प्रकार बताएं है –

1.चेतन मन (conscious mind)- यह मन वर्तमान के विचारों से संबंधित होता है।

2.अर्द्ध चेतन मन (subconscious mind)-इसमें हमें तुरंत ज्ञान नहीं होता लेकिन कुछ टाइम देखकर याद किया जा सकता है।

3.अचेन मन (Unconscious mind)-इसमें भी बातें होती है जो हम भूल चुके हैं और हमारी याद करने पर भी याद नहीं आती हैं।

फ्रायड व्यक्तित्व को तीन भागों में बांटा है –

i) ld (इदम्)-उसने व्यक्ति की शारीरिक और मूल अवस्था आवश्यकताएं हैं जैसे- भूख,प्यास आदि को satisfied करना होता हैयह सामाजिक आवश्यकता और नैतिक मूल्यों की चिंता किए बिना इच्छाओं की पूर्ति पर बल देता है।

ii) Ego (अहम)-यह आवश्यकताओं या इच्छाओं की संतुष्टि की योजना का निर्माण करता है और उसका implementationकरता है या परिणाम की चिंता करता है।

iii) super Ego (पराअहम्)- यह समाज द्वारा नैतिक सूत्रों के according काम करता हैयानी जिस व्यक्ति के अंदर super Ego ज्यादा होगी वह बुरे कामों से उतना ही दूर होगा जैसे – चोरी ना करना या झूठ ना बोलना ।

फ्राइड के व्यक्तित्व संबंधी विचारों को मनो लैंगिक विकास का सिद्धांत भी कहा जाता है। इसे फ्राइड ने 5 अवस्थाओं में बांटा है।

1.मौखिक अवस्था (Oral Stage)- जन्म से 1 वर्ष

2.गुदा अवस्था (Anal Stage) -2 से 3 वर्ष

3.लैंगिक अवस्था (Phallic Stage)- 4 से 5 वर्ष

4.सुषुप्त अवस्था (Lantency Stage) -6 से 12 वर्ष

5.जननी अवस्था (Gental Stage) -12 से 20 वर्ष

सिगमंड फ्रायड ने दो मूल प्रवृत्तियां बताई है –

1.जीवन

2.मृत्यु

स्वमोह- ऑडीपस व इलेक्ट्रा ग्रंथि

सिगमंड फ्रायड के अनुसार“ ,लड़कों में ऑडीपस ग्रंथि पाई जाती है जिसके कारण वह अपनी मां से अधिक प्रेम करेंगे।

तथा लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि पाई जाने के कारण वह अपने पिता से अधिक प्रेम करती हैं।

लिबिडो(Libido) -प्रेम, स्नेह व काम प्रगति को लिबिडो कहते हैं यह एक स्वाभाविक प्रकृति होती है और यदि इस प्रवृत्ति का दमन किया जाता है तो व्यक्ति को समायोजित हो जाता है

शैशव कामुकता-शैशव कामुकता की बात पर सिगमंड फ्रायड व उनके शिष्य जुग या युग के मध्य मतभेद हो जाता है

व्यक्तित्व मापन की विधियां

प्रक्षेपी विधियां

1.T.A.T (Thematic apperception test)

2.C.A.T (Children apperception test)

3.I.B.T (Ink Blot Test)

4.S.C.T (Sentence Complant Test)

5.F.W.A.T

अप्रक्षेपी विधियां

आत्म निष्ठ या व्यक्ति निष्ठ

  1. आत्मकथा विधि
  2. व्यक्ति इतिहास विधि
  3. साक्षात्कार विधि
  4. प्रश्नावली विधि

वस्तुनिष्ठ विधि

  1. समाजमिति विधि
  2. कर्म निर्धारण विधि
  3. शारीरिक परीक्षण विधि
  4. निरीक्षण विधि

प्रक्षेपण विधियां

  • प्रक्षेपण शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम सिगमंड फ्रायड ने किया
  • प्रक्षेप का अर्थ है अपनी बातों विचारों भावनाओं अनुभाव वादी को स्वयं ना बता कर किसी अन्य उद्दीपक या पदार्थ के माध्यम से अभिव्यक्त करना

1.T.A.T (Thematic apperception test) -प्रासंगिक अंतर बौद्ध परीक्षण या कथा प्रसंग परीक्षण

  • प्रतिपादक- मोरगन वा मुर्र
  • सन– 1935
  • कुल कार्डों की संख्या- 31
  • इस परीक्षण में 10 कारणों पर पुरुषों से संबंधित व 10 कार्डों पर महिलाओं से संबंधित 10 कारणों पर दोनों के चित्र बने होते हैं
  • बालक को को चित्र दिखाकर कहानी लिखने को कहा जाता है और कम से कम 10 कार्ड ऊपर कहानी लिख पाई जाती है
  • इस परीक्षण में 14 वर्ष से अधिक आयु वाले बालकों के लिए प्रयोग किया जाता है
  • इसमें व्यक्ति की रुचियां, इच्छाओं बा आवश्यकताओं की जानकारी होती है।

2. C.A.T(Children apperception test)-बाल संप्रत्यय परीक्षण

  • प्रतिपादक- लियोपोल्ड बेलोक (1948)
  • विकास में योगदान- डॉ अर्नेस्ट कृष
  • कार्डों की संख्या- 10
  • इस परीक्षण में 10 कार्ड पर जानवरों के चित्र बने होते हैं बालक को को चित्र दिखाकर कहानी लिखने को कहा जाता है यह परीक्षण 3 से 11 वर्ष के बालक को के लिए उपयोगी हो।

3 .I.B.T (Ink Blot Test)-रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण

  • प्रतिपादक- हरमन रोर्शा( 1921)
  • कार्डों की संख्या– 10
  • इस परीक्षण में 10 कार्डों पर स्याही के धब्बे बने होते हैं पांच कारणों पर काले और सफेद तथा बाकी पांच पर विभिन्न रंगों के धब्बे बने होते हैं
  • बालक को को आकृति दिखाकर उसके बारे में पूछा जाता है इसमें बालक को के क्रियात्मक, भावात्मक बा संज्ञानात्मक परीक्षण किए जाते हैं

4.S.C.T (Sentence Complant Test)-वाक्य पूर्ति परीक्षण

  • प्रतिपादक- पाइन एंड टेंडलर( 1930)
  • विकास में योगदान– रोटर
  • उदाहरण- मैं बहुत खुश होता हूं जब मेरे माता पिता………………. मुझे देते हैं

5.F.W.A.T -स्वतंत्र शब्द साहचर्य परीक्षण

  • यह एक मनोविश्लेषणात्मक विधि है
  • प्रतिपादक– फ्रांसिस गॉल्टन
  • सन- 1879
  • सहयोग- विलियम वांट
  • इस परीक्षण में व्यक्तित्व मापन के अलावा कई मनोवैज्ञानिक रोगों का इलाज भी किया जाता है

अप्रक्षेपी या अन्य विधियां – (चेतन मन का अध्ययन)

1.आत्म निष्ठ या व्यक्ति निष्ठ विधि

a.आत्मकथा या अंतर दर्शन विधि

  • प्रवर्तक- विलियम वुण्ट और शिष्य टिचनेर
  • यह एक प्राचीनतम विधि है
  • यह एक मनोवैज्ञानिक विधि नहीं है
  • इसके कारण इनका वर्तमान समय में उपयोग नहीं किया जाता है

b . व्यक्ति इतिहास विधि/ जीवन कृत विधि/ केस स्टडी-

  • प्रवर्तक- टाइड मैन
  • निदानात्मक अध्ययनों की सर्वश्रेष्ठ विधि है आज सामान्य बालकों के निदान की सर्वश्रेष्ठ विधि है समस्या के कारण को जानना निदान कहलाता है जो मनोविज्ञान की सहायता से किया जाता है तथा कारण को दूर करना उपचार कहलाता है जो शिक्षा की सहायता से किया जाता है बिना निदान के उपचार संभव नहीं है

c .प्रश्नावली विधि

  • प्रवर्तक-वुडवर्थ
  • प्रश्नावली में आमने- सामने होना जरूरी नहीं होता और उत्तर के रूप में विकल्प होते हैं

d.साक्षात्कार विधि

  • साक्षात्कार विधि का प्रारंभ अमेरिका में हुआ इसमें प्रश्नों का कोई बंधन नहीं होता है और ना ही समय पर साक्षात्कार वार्तालाप का ही एक रूप माना जाता है
  1. वस्तुनिष्ठ विधिया
  2. a.निरीक्षण विधि या वही दर्शन विधि
  • प्रवर्तक- व्हाटसन
  • इस विधि में सामने वाले व्यक्ति के व्यापार का भिन्न भिन्न परिस्थितियों का अध्ययन किया जाता है और निष्कर्ष निकाला जाता है कि विषय का व्यक्तित्व कैसा है

b . समाजमिति विधि

  • प्रवर्तक- J. L.मोरेनो
  • इस विधि में व्यक्ति की सामाजिकता के बारे में समाज के व्यक्तियों से जानकारी लेकर निष्कर्ष निकाला जाता है कि विषय का व्यक्तित्व कैसा है

c . कर्म निर्धारण मापनी/ रेटिंग स्केल

  • प्रतिपादक-थरस्टेन
  • इस परीक्षण में पूर्ण सहमत- सहमत- अनिश्चित- असहमत- पूर्ण सहमत में क्रम निर्धारण मापनी के माध्यम से आंकड़े एकत्रित करके निष्कर्ष निकाला जाता है कि विषय का व्यक्तित्व कैसा है।

d . शारीरिक परीक्षण

  • इस परीक्षण में व्यक्ति की शारीरिक जांच करके निष्कर्ष निकाला जाता है कि निर्धारित नौकरी के लिए व्यक्ति स्वस्थ है या नहीं

Sigmund Freud Theory Based Questions and Answers

Q.1 फ्राइड के अनुसार हमारे मूल्यों का आंतरिकीकरण …….. में होता है ।

a) इदम्

b) अहम्

c) पराहम्

d) परिस्थितियों

Ans-(c)

Q.2 फ्राइड के अनुसार मूल प्रवृत्ति के दो प्रकार हैं –

a) आक्रामकता एवं चिंता

b) अहम तथा पराअहम

c) इरोज एवं थेनेटॉस

d) इड तथा अहम

Ans-(c)

Q.3 मानव व्यक्तित्व के मनो लैंगिक विकास को निम्न में से किसने महत्व दिया था ?

a) कमेनियस

b) हॉल

c) हॉलिंगवर्थ

d) फ्रायड

Ans-(d)

Q.4 इदम् का ईगो पर हावी होने की स्थिति में व्यक्ति होता है –

a)अनैतिक व असामाजिक

b) दबाव

c) दुशचिंता

d) कुंठित

Ans-(a)

Q.5 अलमारी से अमूल किताब नहीं पाता है और थोड़ी देर के लिए परेशान हो जाता है फिर याद आती है कि उस किताब को हमने अपने दोस्त को दिया था यह अवस्था है –

a) चेतन मन

b) अचेतन मन

c) अर्द्धचेतन मन

d) इदम

Ans- (c)

Q.6 शारीरिक योग्यता वाले व्यक्ति के लिए निम्न में से कौन सी युक्ति रक्षा तंत्र में सबसे संतोषजनक होगी ?

a) तादात्मीकरण

b) विवेकीकरण

c) अति कल्पना

d) इनमें से कोई नहीं

Ans-(c)

Q.7 निम्न में से कौन सा तरीका प्रत्यक्ष समायोजन का है ?

a) प्रक्षेपण

b) दमन

c) प्रतिगमन

d) लक्ष्यों का प्रतिस्थापन

Ans-(d)

Q.8 विकास की अवस्था तौर पर 1 से 3 वर्ष की आयु में होती है इनको विकसित होने लगता है और इड कुछ हद तक नियंत्रित हो जाती है

a) मौखिक

b) फालिक

c) विलम्ब

d) गुदा

Ans-(d)

Q.9 कुछ लोग कहते हैं कि जब बच्चों पर गुस्सा आता है, तो वे खेलते हैं जब तक भी बेहतर महसूस ना करें । इस व्यवहार का प्रतिनिधित्व कौन सा रक्षा तंत्र करता है ?

a) प्रक्षेपण

b) विस्थापन

c) प्रतिक्रिया गठन

d) उच्च बनाने की क्रिया

Ans-(b)

Q.10 5 वर्ष के बालक में अपने पिता के पिता माता के प्रति अत्यधिक प्रेम की भावना विकसित हो जाती है बालक के व्यापार में होने वाले इस परिवर्तन को फ्राइड द्वारा क्या नाम दिया गया है ?

a) पराहम्

b) इलेक्ट्रा कंपलेक्स

c) ओडिपस कंपलेक्स

d) नार्सीजिज्म

Ans-(c)

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इस पोस्ट में हमने आपके साथ व्यक्तित्व मापन का सिगमंड फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत (Sigmund Freud ka Siddhant) सांझा किया है ,आशा है यह आर्टिकल आपकी परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा आपको आने वाली सभी परीक्षाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ऐसी नवीनतम जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करते रहे।

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Child Development and Pedagogy

CTET Exam 2021: व्यक्तित्व पर आधारित इन सवालों के जवाब देकर चेक करें,अपनी तैयारी का स्तर

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personality

CTET 2021(CTET personality based MCQ) : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जाने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) का आयोजन 16 दिसंबर से 13 जनवरी के बीच किया जाएगा।यह परीक्षा देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षा में से एक है और इसमें शामिल होकर हर साल लाखों अभ्यर्थी अपने शिक्षक बनने के सपने को पूरा करते हैं, चूँकि अब परीक्षा में कुछ ही दिन का समय शेष बचा है ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक है रिवीजन के साथ-साथ प्रैक्टिस सेट लगावे, जिससे कि परीक्षा में होने वाली गलतियों से बचा जा सके,यदि आप इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो परीक्षा से पूर्व आपको हमारे द्वारा शेयर किए जा रहे व्यक्तित्व (CTET personality based MCQ) पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को एक बार अवश्य पढ़ लेना चाहिए।

(Personality) व्यक्तित्व का अर्थ-

व्यक्तित्व शब्द अंग्रेजी भाषा की ‘पर्सनैलिटी’ से बना है,अंग्रेजी भाषा का पर्सनैलिटी शब्द लैटिन भाषा के ‘परसोना’ से बना है जिसका शाब्दिक अर्थ है – नकली चेहरा, मोटा या नकाब।

व्यक्तित्व के व्यापक अर्थ में व्यक्ति के बाहरी और आंतरिक दोनों पक्षों को शामिल किया जाता है

बाहरी पक्ष- इसमें व्यक्ति के रूप, रंग, सुंदरता ,बनावट, वेशभूषा आदि को शामिल किया जाता है, यह पक्ष दूसरे व्यक्ति को तुरंत प्रभावित करता है, लेकिन इसे व्यक्तित्व का अस्थाई पक्ष कहते है

आंतरिक पक्ष- इसमें व्यक्ति की मानसिक शक्ति, आंतरिक गुणों व संवेगात्मक पक्ष को शामिल किया जाता है, यह व्यक्तित्व का प्रभावी एवं स्थाई पक्ष माना जाता है, जो दूसरे व्यक्ति को जीवन पर्यंत प्रभावित करता रहता है

व्यक्तित्व की परिभाषाएं

आलपोर्ट के अनुसार

“व्यक्तित्व उन मनो दैहिक व्यवस्थाओं का एक गत्यात्मक संगठन है जो वातावरण के अपूर्व समायोजन को स्थापित करता है

रेक्सरॉक के अनुसार

“व्यक्तित्व समाज के द्वारा मान्य पूरा अमान्य गुणों का योग है

गिलफोर्ड के अनुसार

“व्यक्तित्व व्यक्ति के सभी गुणों का समूह है

वुडवर्थ के अनुसार

“व्यक्तित्व व्यक्ति की समस्त विशेषताओं का योग है

Rk मर्डन के अनुसार

“व्यकितत्व व्यक्ति के जन्मजात अर्जित स्वभाव मूल प्रवृत्तियों इच्छाओ भावनाओं का संगठन है

आइजेनक के अनुसार

“व्यक्तित्व व्यक्ति के चरित्र स्वभाव बुरी आदत शारीरिक बनावट विशेषता आदि का एक स्थाई व स्थिर संगठन है जो वातावरण के साथ अपना समायोजन कर लेता है

सीटेट परीक्षा में पूछे जाते हैं पर्सनैलिटी बेस्ट यह सवाल –Important Questions on Personality for CTET 2021

1.व्यक्तित्व और बुद्धि में वही संबंध है जो बुद्धि और ……. में है ?

a) अध्ययन

b) व्यवहार

c) संलग्नता

d)समायोजन

उत्तर – (b)

2.शेल्डन में व्यक्तित्व को किस आधार पर वर्गीकृत किया ?

a)शारीरिक रचना

b) शीलगुण

c) त्वचा का रंग

d) सामाजिकता

उत्तर – (a)

3. व्यक्तिव का उसकी सामाजिक व्यवहार के आधार पर अंतर्मुखी वर्गों में विभाजित करने वाले मनोवैज्ञानिक हैं ?

a) कैटल

b) युंग

c) आलपोर्ट

d) ब्रुनर

उत्तर-(b)

4.अंतर्मुखी व्यक्तित्व का प्रकार है?

a) शरीर रचना प्रकार

b) मनोवैज्ञानिक प्रकार

c) मूल संबंधी प्रकार

d) रचनात्मक प्रकार

उत्तर – (b)

5.अत्यधिक वाचाल प्रसन्न चित्त और सामाजिक प्रवृत्ति के व्यक्ति के व्यक्तित्व को युंग ने क्या नाम दिया?

a) अंतर्मुखी

b) बहिर्मुखी

c) स्नायु विकृत

d) स्थिर

उत्तर – (b)

6. व्यक्तित्व की प्रक्षेपण विधि कौन सी है?

a) रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण

b) स्टैनफोर्ड बिने परीक्षण

c) बाकर मेहंदी परीक्षण

d)भाटिया परीक्षण माला

उत्तर -(a)

7. “रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण ” व्यक्तित्व परीक्षण का कौन सा प्रकार है ?

a)व्यक्तिगत

b) प्रक्षेपी

c) अप्रेक्षेपी

d) अर्धप्रक्षेपी

उत्तर -(b)

8.व्यक्तित्व मापन की व्यक्तिनिष्ठ विधि है ?

a) व्यक्ति इतिहास

b)क्रम निर्धारण मापनी

c) रोर्शा शाही परीक्षण

d) शब्द साहचर्य परीक्षा

उत्तर -(a)

9.व्यक्तित्व मापन की एक प्रक्षेपी परीक्षण विधि नीचे दी गई है ?

a)साक्षात्कार

b)चेक लिस्ट

c) शब्द सहचार्य परीक्षण

d)  व्यक्ति अध्ययन

उत्तर -(c)

10.तनाव को कम करने के लिए अचेतन मन का प्रयोग करना क्या कहलाता है?

a) रक्षात्मक युक्तियां

b) अवधान प्राप्ति

c) लक्ष्यों का विशेषण

d) प्रत्यय बाधा निवारण

उत्तर – (a)

11.रमेश दुबला पतला लंबे कद का व्यक्ति है जो सपनों की दुनिया में खोया रहता है रमेश की यह गुण निम्न में से किस प्रकार के व्यक्तित्व के अंतर्गत आते हैं?

a) स्थूलकाय

b) पुष्टकाय

c)विशालकाय

d) कृषकाय

उत्तर – (d)

12. किशोरावस्था में बालक अधिकांशतः अपने ही रूप पर मोहित हो जाता है फ्रायड ने इस भावना को कहां है –

a) इलेक्ट्रा

b) नार्सिसिज्म

c) ओडिपस

d) इरोस

उत्तर-(b)

13.व्यक्ति के मन में विचार आता है कि मुझे अध्यापक पर प्रहार करना चाहिए और वह बिना किसी कारण ही पूरी कक्षा के सामने अध्यापक पर हाथ उठा देता है उस व्यक्ति का व्यक्तित्व स्तर है?

a) झ्ड

b) इगो

c) सुपर इगो

d) सेण्ट्रल इगो

उत्तर-(a)

14.व्यक्तित्व के किस पहलू से बच्चे के आउटगोइंग (निमार्गी) होने की संभावना बढ़ जाती है?

a) बार्हिमुखता

b) अंतर्मुखता .

c) समाजीकरण

d) स्नायुविकृति

उत्तर – (a)

15. TAT (thematic apperception test) कितने से अधिक आयु के व्यक्ति के लिए उपयोगी है?

a) 18

b) 20

c) 14

d) 6

उत्तर – (c)

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