CTET

CTET 2024: सीटेट परीक्षा के आयोजन में केवल 10 दिन का समय शेष, एग्जाम में जाते-जाते कोहलबर्ग के सिद्धांत से जुड़े इन प्रश्नों को जरूर पढ़ें

CTET 2024 Lawrence Kohlberg Theory MCQ Test: केंद्रीय विद्यालय में शिक्षकबनने का सपना रखने वाले देश के लाखों युवा 21 जनवरी को होने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का हिस्सा बनने जा रहे हैं, बता दें कि सीबीएसई के द्वारा इस परीक्षा का आयोजन ऑफलाइन माध्यम से किया जाएगा जिसके एडमिट कार्ड जल्द ही ऑफिशल वेबसाइट पर जारी होंगे. यदि आप भी इस पात्रता परीक्षा को देने जा रहे हैं तो यहां दी गई जानकारी आपके लिए बेहद कम की है इस आर्टिकल में हम परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास (Molar Development) के सिद्धांत पर आधारित प्रश्नों को आपके लिए लेकर आए हैं जहां से एक से दो प्रश्न हमेशा परीक्षा में पूछे जाते हैं इसलिए नेजरूर पढ़ें.

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, अभी पढ़े—Lawrence kohlberg molar development last minute revision MCQ for CTET exam 2024

कैरोल गिलिगन ने लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास की समालोचना करते हुए, तर्क रखा कि कोहलबर्ग नारीवादी नैतिकता जो पर ज़ोर देती है, को नकारते हैं।

1. देखभाल की नैतिकता

2. नैतिक आदर्शों

3. न्याय की नैतिकता

4. सामाजिक अच्छाई की चिंता

लॉरेंस कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकार के किस स्तर पर व्यक्ति अपने निर्णय को व्यक्तिगत अधिकारों पर और सर्वोपरि अच्छाई परिणाम पर आधारित करता है?

Options:

1. आज्ञापालन एवं दंड अभिविन्यास

2. अच्छा लड़का अच्छी लड़की अभिविन्यास

3. अधिकारिकता एवं सामाजिक क्रम व्यवस्था अभिविन्यास

4. सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास

कोहलबर्ग के सिद्धांत के योगदान के रूप निम्नलिखित में से किसे माना जा सकता है?

(1) इस सिद्धांत में विस्तृत परीक्षण प्रक्रियाएँ हैं।

(2) यह नैतिक तर्क और कार्रवाई के बीच एक स्पष्ट संबंध स्थापित करता है।

(3) उनका विश्वास है कि बच्चे नैतिक दार्शनिक हैं।

(4) उनके सिद्धांत ने संज्ञानात्मक परिपक्कता और नैतिक परिपक्वता के बीच एक सहयोग का समर्थन किया है।

लॉरेन्स कोहलबर्ग के सिद्धान्त में कौन-सा स्तर नैतिकता की अनुपस्थिति को सही अर्थ में सूचित करता है ?

(1) स्तर IV

(2) स्तर I

(3) स्तर II

(4) स्तर III

लार्स कालबर्ग के नातक तक के सिद्धात अनेक बातों के लिए आलोचना की जाती है। इस आलोचना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(1) कोलबर्ग ने नैतिक तर्क के प्रत्येक सोपान के लिए विशेष उत्तर नहीं दिया है।

(2) अपनी सैद्धांतिक रूपरेखा पर पहुँचने के लिए कोलबर्ग ने पियाजे के सिद्धांतों को दोहराया है।

(3) कोलबर्ग का सिद्धांत बच्चों के प्रत्युत्तरों पर ध्यान केंद्रित नहीं करता।

(4) कोलबर्ग ने अपने अध्ययन को मूलतः पुरुषों के नमूनों पर आधत रखा है 

केरोल गिलिगन द्वारा लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धांत की प्रमुख आलोचना क्या है?

1. यह सिद्धांत ‘नारीवादी’ परिप्रेक्ष्य में हैं।

2. यह सिद्धांत बच्चों पर किये गये शोध पर आधारित नहीं हैं।

3. यह सिद्धांत नैतिक विकास के स्पष्ट सोपान प्रस्तुत नहीं करता ।

4. यह सिद्धांत बच्चों की संज्ञानात्मक योग्यताओं से सम्बन्ध स्थापित नहीं करता हैं।

कोहलबर्ग के सिद्धान्त के पूर्व-परम्परागत स्तर के अनुसार, कोई नैतिक निर्णय लेते समय एक व्यक्ति निम्नलिखित में से किस तरफ प्रवृत्त होगा ?

(1) अंतर्निहित संभावित दंड

(2) व्यक्तिगत आवश्यकताएँ तथा इच्छाएँ

(3) व्यक्तिगत मूल्य

(4) पारिवारिक अपेक्षाएँ

कोहलबर्ग के सिद्धान्त की एक प्रमुख आलोचना क्या है?

(1) कोहलबर्ग ने बिना किसी अनुभूतिमूलक आधार के सिद्धान्त प्रस्तुत किया ।

(2) कोहलबर्ग ने प्रस्ताव किया कि नैतिक तार्किकता विकासात्मक है ।

(3) कोहलबर्ग ने पुरुषों एवं महिलाओं की नैतिक तार्किकता में सांस्कृतिक विभिन्नताओं को । महत्त्व नहीं दिया ।

(4) कोहलबर्ग ने नैतिक विकास की स्पष्ट अवस्थाओं का उल्लेख नहीं किया ।

एक बच्चा तर्क प्रस्तुत करता है कि हिंज को दवाई की चोरी नहीं करनी चाहिए (वह दवाई जो उसकी पत्नी की जान बचाने के लिए जरूरी है), क्योंकि यदि वह ऐसा करता है तो उसे पकड़ा जाएगा और जेल भेज दिया जाएगा। कोलबर्ग के अनुसार वह बच्चा नैतिक समझ की किस अवस्था के अंतर्गत आता है ?

(1) सामाजिक-क्रम नियंत्रक अभिविन्यास

(2) दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास

(3) सार्वभौम नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास

(4) यंत्रीय उद्देश्य अभिविन्यास

उस तर्क की पहचान करें जो लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में ‘सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास’ के चरण को रेखांकित करता है?

1. आदर्श पारस्परिकता की समझ ।

2. सामाजिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नियम महत्वपूर्ण हैं।

3. मानव उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए कानून और नियम लचीले उपकरण हैं।

4. विवेक के स्व-चुने हुए नैतिक सिद्धांतों द्वारा सही कार्यवाही को परिभाषित किया गया है।

निम्न में से कौन-सा अभिलक्षण, कोहलबर्ग नैतिक विकास मॉडल में सम्मिलित है?

1. नैतिक विकास के चरणों का स्वरूप सार्वभौमिक होता है।

2. नैतिक चिंतन के विकास में निरंतरता होती है।

3. नैतिक विकास एक क्रमिक प्रक्रिया नहीं है; यह सम्पूर्ण रूप से वातावरणीय कारकों पर निर्भर है।

4. नैतिक विकास मुख्यतः सांस्कृतिक मूल्यों निर्भर है।

Read More:

CTET 2024: पर्यावरण पेडगॉजी के ऐसे सवाल जो सीटेट परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं, उत्तम अंक पाने के लिए लिए एक बार जरूर पढ़ें

CTET 2024: आकलन और मूल्यांकन से पूछे जाएंगे सीटेट परीक्षा में कुछ ऐसे सवाल, एक बार जरूर पढ़ें

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button