Muhavare and Lokoktiyan in Hindi pdf

हिंदी मुहावरे और लोकोक्तियाँ 

दोस्तों इस आर्टिकल में आज हम जाने के लिए हिंदी के कुछ महत्वपूर्ण (Muhavare and Lokoktiyan in Hindi pdf) मुहावरे के अर्थ और उनका वाक्य में प्रयोग हिंदी में अक्सर पूछा जाता है मुहावरों और लोकोक्तियों का वाक्यों में प्रयोग साधारणत: देखा जाता है कि मुहावरों और लोकोक्तियों का ‘अर्थ और वाक्य में प्रयोग’ पूछे जाने पर छात्र उनका अर्थ तो बता देते हैं, परन्तु वाक्य में प्रयोग उचित प्रकार से नहीं कर पाते। मुहावरों एवं लोकोक्तियों के प्रयोग में हमें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि हमारे वाक्य-प्रयोग से उनका अर्थ बिल्कुल स्पष्ट हो जाए।

मुहावरा—मुहावरा अरबी भाषा का शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है—’अभ्यास’। हिन्दी में यह शब्द रूढ़ हो गया है, जिसका अर्थ है—“लक्षणा या व्यंजना द्वारा सिद्ध वाक्य, जो किसी एक ही बोली या लिखी जानेवाली भाषा में प्रचलित हो और जिसका अर्थ प्रत्यक्ष अर्थ से विलक्षण हो।

महत्त्वपूर्ण मुहावरे एवं उनके वाक्यों में प्रयोग

1.अक्ल पर पत्थर पड़ना – बुद्धि नष्ट हो जाना

 वाक्य- रावण के अक्ल पर पत्थर पड़े थे जो विभीषण के समझाने पर भी वह न माना और श्री राम से युद्ध किया और उसका नाश हो गया।

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2.अन्धो में काना राजा – मुर्खो के बीच थोड़ा ज्ञान वाला

वाक्य-रामू अन्धो में काना राजा है। मुर्खो के बीच वही थोड़ा पढ़ा-लिखा है।

 

3.अंगूठा दिखाना – इनकार करना

वाक्य-आज उसने मुझे अंगूठा दिखा दिया।

 

4.अंगारो पर पैर रखना – कठिन कार्य करना

वाक्य-UPSC पास करना अंगारो पर पैर रखना है।

 

5.आग में घी डालना – क्रोध को और बढ़ाना

वाक्य- श्याम बहुत बेकार आदमी है, वह आग में घी डालने का काम करता है।

 

6.कोल्हू का बैल – हमेशा काम में लगे रहना

वाक्य- श्याम एकदम कोल्हू का बैल है, हमेशा काम में लगा रहता है।

 

7.गड़े मुर्दे उखाड़ना – बीती हुई बातों को याद करना

 वाक्य- क्या गड़े मुर्दे उखाड़ रहे हो सब भूल जाओ

 

8.ईंट से ईंट बजाना – बर्बाद करना

वाक्य- अगर रामू ने अब कुछ कहा तो उसकी ईंट से ईंट बजा दूंगा।

 

9. कान पर जूं तक ना रेंगना – कोई प्रभाव न पड़ना, बेपरवाह

वाक्य-घर पानी से भर गया परन्तु मोहन के कानो में जूं तक ना रेंगी

 

10.आपे से बाहर होना – अत्यधिक क्रोधित होना

वाक्य- कुछ लोग बात-बात पर आपे से बाहर हो जाते है।

 

11.आकाश-पाताल एक करना – अत्यधिक प्रयास करना

वाक्य-रामू ने अपनी नैकरी पाने के लिए आकाश-पाताल एक कर दिया था।

 

12.अपना उल्लू सीधा करना – स्वार्थ सिद्ध करना, अपना काम निकालना

वाक्य- रमेश किसी ना किसी तरह अपना उल्लू सीधा कर ही लेता है

 

13.आंख का तारा होना – बहुत अधिक प्रिय होना

वाक्य- रामू अपनी मां के आंख का तारा है।

 

14.अक्ल के घोड़े दौड़ाना- हवाई कल्पनाएँ करना।

वाक्य- परीक्षा में सफलता परिश्रम करने से ही मिलती है, केवल अक्ल के घोड़े दौड़ाने से नहीं।

 

15.अन्धी सरकार—विवेकहीन शासन।

वाक्य- कालाबाजारी खूब फल-फूल रही है, किन्तु अन्धी सरकार उन्हीं का पोषण करने में लगी है।

 

16.अंगद का पैर होना-अति दुष्कर/असम्भव कार्य होना।

वाक्य- यह पहाड़ी कोई अंगद का पैर तो है नहीं, जिसे हटाकर रेल की पटरी न बिछाई जा सके।

 

17. अँगूठी का नगीना-अत्यधिक सम्मानित व्यक्ति अथवा वस्तु।

वाक्य- अकबर के नवरत्नों में बीरबल तो जैसे अंगूठी का नगीना थे।

 

18.अपना राग अलापना-दूसरों की अनसुनी करके अपने ही स्वार्थ की बात कहना।

वाक्य- कुछ व्यक्ति सदैव अपना ही राग अलापते रहते हैं, दूसरों के कष्ट को नहीं देखते।

 

19. आँखें खुल जाना—वास्तविकता का ज्ञान होना, सीख मिलना।

वाक्य- विवेक के अपहरण में उसके मित्र की संलिप्तता देखकर लोगों की आँखें खुल गईं कि अब किसी पर विश्वास करने का जमाना नहीं रह गया है।

 

20.आड़े हाथों लेना-शर्मिन्दा करना।

वाक्य- मोहन बहुत बढ़-चढ़कर बातें कर रहा था, जब मैंने उसे आड़े हाथों लिया तो उसकी बोलती बन्द हो गई।

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