RRB NTPC CBT 2: अंतिम चरणों में कैसे करें तैयारी, अधिक स्कोर करने के लिए कौन से टिप्स करेंगे मदद

RRB NTPC CBT 2 Exam 2022: रेलवे रिक्रुटमेन्ट बोर्ड (RRB) द्वारा गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणी (NTPC) की कम्प्युटर आधारित टेस्ट 2 (CBT 2) की परीक्षा 12 जून से 17 जून 2022 के बीच आयोजित कराई जाएगी। ये परीक्षा पे लेवल 2, 3 व 5 के पदों के लिए आयोजित कराई जा रही है। अब अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए अधिक समय नहीं बचा है। हम आप सभी अभ्यर्थियों की सहायता के लिए यहाँ कुछ ऐसे टिप्स और ट्रिक्स साझा करने जा रहें है, जो परीक्षा के अंतिम चरणों में तैयारी के लिए सहायक हो। 

क्या है परीक्षा का पैटर्न, किस विषय से पूछे जाएंगे कितने प्रश्न ?

अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक है कि परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी करें। अभ्यर्थियों को 90 मिनट में 120 अंक के कुल 120 प्रश्न हल करने होंगे। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होगी। प्रत्येक सही उत्तर पर अभ्यर्थी को 1 अंक मिलेगा और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 फीसदी अंकों की नेगेटिव मार्किंग कि जाएगी। एनटीपीसी सीबीटी 2 का एक्ज़ाम पैटर्न नीचे तालिका में दिया गया है।

Subject NameNo. of QuestionsMarks 
General Awareness 5050
Mathematics3535
General Intelligence and Reasoning 3535
Total 120120

Note- पीडबल्यूडी (PwD) कैंडिडैट को बोर्ड द्वारा परीक्षा के लिए अतिरिक्त 30 मिनट (कुल 120 मिनट) दिये जाएंगे। 

किस स्ट्रेटजी से स्कोर किए जा सकते हैं अधिक अंक ?

किसी भी परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए रणनीति बनाना बहुत आवश्यक होता है। लक्ष्य नियोजन, अभ्यास, रिविज़न और कड़ी मेहनत से निश्चित ही अभ्यर्थी किसी भी परीक्षा में सफलता हासिल कर सकते हैं। सीबीटी 2 कि परीक्षा के लिए चयनित अभ्यर्थी के लिए आवश्यक है कि अब वह अपनी तैयारी की फ़ाइनल स्ट्रेटजी पर काम शुरू कर दें। अभ्यर्थी परीक्षा में अधिक स्कोर करने के लिए निम्न स्ट्रेटजी एवं टिप्स को फॉलो कर सकते हैं- 

1. रिविज़न है सबसे जरूरी- 

अभ्यर्थी के लिए तैयारी के अंतिम समय में कुछ नया पढ़ने से अधिक आवश्यक है, जो पहले से पढ़ा है उसका रिविज़न करना। एनटीपीसी का सिलैबस बहुत बड़ा है। इतने कम समय में पूरे सिलैबस को पढ़ने से अधिक लाभदायक होगा कि अभ्यर्थी उन टॉपिक पर ध्यान दें, जिनसे अधिक प्रश्न आने कि संभावना है और जो अधिक आवश्यक हैं। विषयवार महत्वपूर्ण टॉपिक कि सूची हम आपके साथ यहाँ साझा कर रहे हैं-

  • A. गणित- संख्या पद्धति, दशमलव, भिन्न, लाभ और हानि, लघुत्तम समापवर्त्य और महत्तम समापवर्त्य, अनुपात और समानुपात, प्रतिशत, क्षेत्रमिति, समय और कार्य, समय और दूरी, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, ज्यामिति, प्राथमिक  बीजगणित, त्रिकोणमिति, प्राथमिक सांख्यिकी आदि। 
  • B. जनरल इंटेलिजेंस व रिजनिंग- सादृश्यता, संख्या और वर्णमाला शृंखला कि पूर्ति, कोडिंग और डिकोडिंग, गणितीय संक्रियाएँ, समानताएँ एवं भेद, संबंध, एनालिटिकल रिजनिंग, न्याय निगमन, जम्बलिंग, वेन आरेख, पज़ल, कथन एवं निष्कर्ष, कथन एवं कौर्सेस ऑफ ऑपरेशन, डिसिज़न मेकिंग, मानचित्र, रेखांकन कि व्याख्या आदि। 
  • C. सामान्य ज्ञान- राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं, गेम्स एवं स्पोर्ट्स, भारत की कला और संस्कृति, भारतीय साहित्य, भारत के स्मारक और स्थल, सामान्य विज्ञान और जीवन विज्ञान (CBSE की 10वीं तक), भारत का इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम, भारत और विश्व की भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल, भारतीय राजनीति और शासन– संविधान एवं राजनीतिक प्रणाली, भारत के अंतरिक्ष और परमाणु कार्यक्रम सहित सामान्य वैज्ञानिक और तकनीकी विकास, संयुक्त राष्ट्र और अन्य महत्वपूर्ण विश्व संगठन, भारत और विश्व में बड़े पैमाने पर पर्यावरण संबंधी मुद्दें, कंप्यूटर और कंप्यूटर एप्लीकेशन की मूल बातें, कॉमन एबरिवीएशन्स, भारत में परिवहन प्रणाली, भारतीय अर्थव्यवस्था, भारत और विश्व की प्रसिद्ध हस्तियां, फ्लैगशिप सरकारी कार्यक्रम, भारत की वनस्पति और जीव, भारत की महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन आदि।

2. नोट्स बनाना होगा परीक्षा में सहायक-

अभ्यर्थियों को विषयवार प्रत्येक टॉपिक के नोट्स बनाने चाहिए, इससे उन्हें परीक्षा के समय रिविज़न में आसानी होगी। नोट्स में केवल महत्वपूर्ण और प्रासंगिक जानकारी ही लिखना चाहिए। जो चीजें परीक्षा के लिए उपयोगी नहीं हैं, उन्हे नोट्स में शामिल नहीं करना चाहिए। 

3. पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों पर मजबूत पकड़ होगी परीक्षा में सहायक-

पिछले वर्ष कि परीक्षा के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण व अवलोकन अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत सहायक होगा। इससे उन्हें ये समझने में आसानी होगी कि परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, परीक्षा का डिफ़िकल्टी लेवल क्या होगा। पिछले वर्ष के प्रश्नों के विश्लेषण से अभ्यर्थी को परीक्षा में अधिक पूछे जाने वाले टॉपिक का भी ज्ञान हो जाता है। 

4. मॉक टेस्ट- 

अभ्यर्थियों के लिए मॉक टेस्ट लगाना भी उतना ही आवश्यक है, जितना कि रिविज़न। मॉक टेस्ट अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले परीक्षा जैसा एक वातावरण प्रदान करता है। ये आत्मविश्वास बढ़ाने और अभ्यर्थी को अपने कमजोर टॉपिक को समझने में भी सहायक है। मॉक टेस्ट के द्वारा परीक्षा के लिए प्रश्नों के अभ्यास के साथ ही साथ टाइम मैनेजमेंट का भी अभ्यास आसानी से हो जाता है। 

तैयारी के अंतिम चरणों में क्या करना होगा सही व किन बातों का रखना है ख्याल ?

अभ्यर्थी परीक्षा के समय मन को शांत रखें, और घबराएँ न। जिन प्रश्नों के उत्तर में कोई संशय न हो केवल वही प्रश्न हल करें। जिन प्रश्नों का उत्तर नहीं पता हो वे प्रश्न हल न करें। किसी भी प्रश्न को हल करने में अधिक समय न लें। परीक्षा के समय किसी भी प्रकार से डिसट्रेक्ट न होवें एवं प्रश्नों को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ हल करें।

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