CTET/HTET Exam 2022: शिक्षक पात्रता परीक्षा में हमेशा पूछे जाते है, हिंदी भाषा की शिक्षण विधियों’ से ये सवाल

Hindi Teaching Method For CTET/HTET 2022: इस साल दिसम्बर में सीटीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी तो वही हरियाणा में आयोजित होने वाली HTET परीक्षा भी 12 व 13 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इन दोनो शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में शिक्षक बनने की चाह रखें वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल होंगे। यदि आप भी इन शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे है तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।

टीईटी परीक्षा में हिंदी भाषा से जुड़े कई सवाल पूछे जाते है जिसमें हिंदी भाषा की शिक्षण विधियों पर आधारित प्रश्न लगभग सभी शिक्षक पात्रता परीक्षा में पूछे जाते है। ये सवाल परीक्षा में अभ्यर्थी को अच्छे अंक दिलाने में बेहद काम आते है। इस आर्टिकल में हम हिंदी भाषा की शिक्षण विधियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न आपके साथ शेयर कर रहे हैं, परीक्षा में शामिल होने से पहले इन प्रश्नों का अध्ययन अभ्यर्थियों को एक बार अवश्य कर लेना चाहिए I

हिंदी भाषा की शिक्षण विधियों से संबंधित सवाल —Hindi Teaching Method Multiple Choicep Questions For CTET/HTET Exam 2022

Q. सन्दर्भ में व्याकरण का शैक्षिक निहितार्थ है ?

1. व्याकरण का सन्दर्भ पाठ्य-पुस्तक में ही होता है। 

2.व्याकरण पाठ के सन्दर्भ में सिखाया जाता है। 

3.पाठ के सन्दर्भ में व्याकरण जानना जरूरी नहीं है। 

4.व्याकरण और सन्दर्भ दोनों अलग हैं।

Ans-  2

Q. भाषा का अस्तित्व एवं विकास….के बाहर नहीं हो सकता।

1.समाज

2.परिवार

3.साहित्य

4.विद्यालय

Ans- 1

Q. प्रोजेक्ट, एक सोद्देश्य क्रिया है, किसने कहा –

1.स्टीवेंसन

2.किलपैट्रिक

3.वैलर्ड

4.पियाजे

Ans- 2

Q. प्राथमिक स्तर पर भाषा-शिक्षण का उद्देश्य नहीं है, बच्चों को –

1.व्याकरणिक नियमों को कंठस्थ करवाना। 

2.अक्षरों की बनावट के प्रति सचेत करना । 

3.मौखिक अभिव्यक्ति का अवसर देना। 

4.मातृभाषा की लिपि की पहचान करवाना।

Ans- 1

Q. ‘व्याकरण भाषा का व्यावहारिक विश्लेषण है’ यह कथन किसका है?

1.स्किनर 

2.वाइगोत्स्की 

3.डॉ. स्वीट

4.पियाजे

Ans- 3

Q. मौन वाचन किस रचना के लिए उपयुक्त है?

1.कविता

2.निबंध

3.नाटक

4.कहानी

Ans- 2

Q. उच्च प्राथमिक स्तर पर हिन्दी भाषा शिक्षण का सर्वाधिक सम्बन्ध है?

1.हिन्दी की ध्वनियों को सिखाने में।

2.वर्णों को सिखाने से।

3.हिन्दी की व्याकरणिक व्यवस्था को जानने से।

4.सृजनात्मक लेखन की अनिवार्यता से।

Ans- c

Q. लेखन क्षमता के आकलन के लिए –

1. मौखिक विचारों को जाँचना होगा। 

2.लिखावट की सफाई और सुन्दरता को जाँचना होगा।

3.अर्थपूर्ण वाक्यों और सन्दर्भों को देखना होगा। 

4.व्याकरण-सम्मत भाषा को देखना होगा।

Ans- 3

Q. निम्न में से उपलब्धि परीक्षण के निर्माण का चरण नहीं हैं?

1.शैक्षणिक उद्देश्यों को लिखना ।

2.छात्रों की कमियों के कारणों की जानकारी प्राप्त करना।इस परीक्षण के द्वारा छात्रों में पाई जाने वाली कमियों साथ में पाई जाने वाली कमी

3. प्रश्न निर्माण करना ।

4.समंकन योजना तैयार करना ।

Ans- 2

Q. उच्च प्राथमिक स्तर पर बच्चों की हिन्दी भाषा की क्षमता के आकलन में प्रकार्यपरक पक्ष पर बल देने का आशय क्या है?

1.भाषा प्रयोग पर बल देना।

2.भाषा के कार्यों को बढ़ावा देना। 

3.भाषा प्रयोग का पक्ष बताना। 

4.भाषा के कार्यों की सूची बनाना

Ans-  1

Q. उपचारात्मक शिक्षण की सफलता निर्भर करती है।

1.समय व अवधि पर ।

2.भाषिक नियमों के ज्ञान पर।

3.समस्याओं के कारणों की सही पहचान पर।

4.शिक्षण सामग्री पर

Ans- 3

Q. शिक्षार्थियों के सतत् एवं समग्र मूल्यांकन पर प्रभावी जोर दिया गया?

1.राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 में । 

2.प्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति में । 

3.मुदालियर आयोग की सिफारिशों में।

4. उपर्युक्त में से कोई नहीं।

Ans- 1

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